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आर्थिक संकट निकम्मी सरकार की देन

आर्थिक संकट निकम्मी सरकार की देन

नई दिल्ली. 27 अगस्त 2013

यशवंत सिन्हा


देश की अर्थव्यवस्था की लगातार बिगड़ती स्थिति पर विपक्षी पार्टियों ने यूपीए की मनमोहन सरकार पर जमकर हमला बोला है. लोकसभा में अर्थव्यवस्था पर हुई एक बहस में हिस्सा लेते हुए भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि सरकार का अर्थव्यवस्था पर से नियंत्रण समाप्त हो चुका है. लेकिन ऐसे में भी सरकार को रोजाना करोड़ों की कमाई करने के लिए सत्ता में बने रहना है.

सिन्हा ने यह भी कहा कि उन्होंने आज तक इतनी भ्रष्ट और निर्णय लेने में इतनी निकम्मी सरकार नहीं देखी है. इसके साथ ही उन्होने समय पूर्व चुनाव कराने की भी मांग की.

सिन्हा ने लोकसभा में महंगाई, विकास दर में कमी और रुपये के अवमूल्यन का हवाला दिया और कहा कि सरकार की नीति से अनिश्चितता और निराशा पैदा हुई है. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही रुपया डॉलर के मुकाबले गिर कर 66 के नीचे नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया और शेयर बाजार के एक प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में भी करीब 600 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.

चर्चा के दौरान सिन्हा ने कहा कि, "यदि वित्तीय घाटा बढ़ेगा, तो महंगाई बढ़ेगी ही. वित्तीय घाटा बढ़ने का असर चालू खाता घाटा पर भी पड़ेगा. यह एक दुष्चक्र है."

इससे पहले बहस की शुरुआत करते हुए भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "सरकार की विवेकहीन नीतियों के कारण देश भयानक आपदा और आर्थिक सूनामी झेल रहा है." उन्होंने कहा कि सरकार को इस निराशा, डर और अनिश्चितता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.


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