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भारतीय न्याय प्रक्रिया पर भरोसा: भटकल परिवार

भारतीय न्याय प्रक्रिया पर भरोसा: भटकल परिवार

बेंगलुरु. 29 अगस्त 2013

यासीन भटकल


भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार आतंकवादी यासिन भटकल के परिवार ने कहा है कि उन्हें अहमद सिद्दीबापा (यासिन भटकल का असली नाम) की गिरफ्तारी से राहत मिली है. यह राहत इस बात की है कि अब उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा नहीं जाएगा. इसमें यह भी कहा गया है कि अगर अहमद दोषी पाया जाता है कि उसे कानूनन सज़ा मिलनी चाहिए.

भटकल की गिरफ्ती के बाद जारी की गई इस प्रेस रिलीज़ में उसके पिता जरार सिद्दीबापा और चाचा याकूब सिद्दीबापा ने कहा है कि उन्हें भारतीय न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और जाँच से सारी सच्चाई सामने आ जाएगी. इसमें कहा गया है कि दसवीं पास करने के बाद वह साल 2005 में दुबई चला था जिसके बाद वह जनवरी 2007 में वहां से गायब हो गया.

परिवार का कहना है कि इसके बाद उनकी और यूएई की खूफिया एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी कोई खोजखबर नहीं हुई. साथ ही उन्होंने उसके पुणे आने की खबर से इंकार किया है. साथ ही इस बात का भी आरोप लगाया है कि अहमद को लेकर मीडिया में बहुत सारे झूठ फैलाये जा रहे हैं लेकिन इस मामले में मीडिय़ा ट्रायल नहीं होना चाहिए और पूर्णतः निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्यों में से एक और देश के सबसे वांछित अपराधियों में शुमार भटकल को बुधवार देर रात आईबी ने बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा गया था. उसके साथ एक और आतंकी असदुल्ला अख्तर की गिरफ्तारी भी हुई थी. यासिन भटकल पर देश में 2008 के बाद से हुए दस बम विस्फोटों का मास्टरमाइंड रहा है.