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मनमोहन ने भाजपा को सुनाई खरीखोटी

मनमोहन ने भाजपा को सुनाई खरीखोटी

नई दिल्ली. 30 अगस्त 2013

मनमोहन सिंह


राज्यसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा पर जमकर बरसते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वह पिछले नौ सालों से लगातार यूपीए सरकार के हर काम में अडंगा डाल रही है. उन्होंने कहा कि लगता है कि विपक्ष 2004 में मिली हार को अभी तक पचा नहीं पाया है इसीलिए वह हमेशा असहयोग की मुद्रा में रहता है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि यदि विपक्ष देश की अर्थव्यवस्था के प्रति इतना ही चिंतित है तो उसे संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देनी चाहिए.

आमतौर पर शांत रहने वाले मनमोहन सिंह ने आक्रामक मुद्रा अपनाते हुए प्रधानमंत्री ने पर आरोप लगाया कि वह लगातार कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का विरोध करती रही है. मनमोहन ने राज्यसभा में कहा, "संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और सत्र-दर-सत्र उसे काम नहीं करने दिया गया है."

अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर बोलने के बाद विपक्षी पार्टी भाजपा के नेता अरुण जेटली के ये पूछा कि प्रधानमँत्री बताएं कि बिगड़ती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या किया जा रहा है.

इस पर मनमोहन सिंह ने कहा, "आपने किसी भी संसद में ऐसी स्थिति के बारे में सुना है, जहां प्रधानमंत्री को अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को परिचित कराने की अनुमति नहीं दी जाती है. आपने किसी भी देश में ऐसा सुना है कि प्रमुख विपक्षी दल के सदस्य सदन के बीचोबीच आकर 'प्रधानमंत्री चोर है' का नारा लगाते हैं."

इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि आपने ऐसे देश के बारे में सुना है, जहां प्रधानमंत्री वोट खरीद कर विश्वासमत हासिल करता है. इससे कांग्रेस के सदस्य उत्तेजित हो गए और नारेबाजी करने लगे जिसके बाद संसद में बेहद गहमागहमी का माहौल रहा.

पीएम ने कोयला घोटाले की फाइलें गुमने के बारे में भी कहा कि मैं कोयला मंत्रालय की फाइलों का रखवाला नहीं हूं. उधर पीएम के आक्रमक तेवर से नाराज़ भाजपा ने अर्थव्यवस्था पर उनके बयान को बेहद निराशाजनक और कड़वाहट भरा बताया है.


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