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सीरिया की स्थिति पर भारत की चिंता

सीरिया की स्थिति पर भारत की चिंता

नई दिल्ली. 3 सितंबर 2013

सलमान खुर्शीद


विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को कहा कि सीरिया में बेहद नाजुक स्थिति बनी हुई है और भारत इस पर बराबर नजर रखे हुए है. फिक्की के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सवांददाताओं से खुर्शीद ने कहा, "हम बराबर नजर रखे हुए हैं और वहां मौजूद अपने मिशन के साथ संपर्क में हैं."

उन्होंने कहा कि सीरिया में भारत ने अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश किया है और सीरिया को ऋण दिए हैं. "जाहिर है अगर सीरिया में युद्ध के हालात पैदा होते हैं तो सब कुछ सवालों में घिर जाएगा. आज हम सिर्फ नजर रख सकते हैं, और इस बात की जानकारी रख सकते हैं कि वहां जिंदगियां खतरे में न पड़ें."

खुर्शीद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ओबामा प्रशासन ने कहा है कि उसके पास सबूत है कि बशर अल-असद सरकार ने अपने लोगों पर सारिन गैस का इस्तेमाल किया है, और वाशिंगटन कांग्रेस के समर्थन के बगैर भी सीरिया सरकार के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उल्लेखनीय है कि ओएनजीसी विदेश (ओवीएल) की सीरिया के दो तेल कुंओं में हिस्सेदारी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने अलग से एक बयान में कहा है कि भारत कथित रासायनिक हमले पर संयुक्त राष्ट्र हथियार निरीक्षकों के पूर्ण जांच परिणाम का इंतजार करने को वरीयता देगा.

अकबरुद्दीन ने एक बयान में कहा कि भारत ने अनवरत सभी पक्षों से हिंसा त्यागने की अपील की है ताकि समग्र राजनीतिक संवाद का वातावरण तैयार हो और सीरियाई जनता की उचित आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मुद्दे का एक व्यापक राजनीतिक समाधान निकाला जा सके.

अकबरुद्दीन ने कहा, "इस विवाद का सैन्य समाधान नहीं हो सकता. हम सीरिया पर प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (जेनेवा-2) का और सीरिया सरकार व विपक्ष को बातचीत की मेज पर लाने का लगातार समर्थन करेंगे, जो कि राजनीतिक समाधान का सबसे अच्छा उपाय है."

बयान में आगे कहा गया है, "जहां तक सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का सवाल है, भारत ने दुनियाभर में रासायनिक हथियारों को पूर्णरूपेण नष्ट किए जाने का लगातार समर्थन किया है. किसी भी जगह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कानूनी नियम का कोई उल्लंघन न करे. हालांकि हम संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों के पूर्ण परिणाम का इंतजार करने को वरीयता देंगे."

असद ने अमेरिका और फ्रांस को चेतावनी दी है कि वे इस बात का सबू दें कि सीरियाई प्रशासन ने राजधानी दमिश्क के कुछ इलाकों में 21 अगस्त को नागरिकों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था. सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि सैन्य हमले रोकने की कोशिश की जाए


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