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आसाराम की जमानत याचिका खारिज

आसाराम की जमानत याचिका खारिज

जोधपुर. 4 सितंबर 2013

आसाराम बापू


जोधपुर की एक अदालत ने नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कथावाचक आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इससे पहले जोधपुर जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश (ग्रामीण) ने आसाराम को 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रखे जाने का आदेश दिया था. माना जा रहा है कि गैर-जमानती धाराएं लगी होने की वजह से यह याचिका खारिज कर दी गई है.

आसाराम के वकील के.के. मनन ने कहा, "अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है." माना जा रहा है कि इस फैसले के खिलाफ आसाराम हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं, हालांकि कानूनी जानकारों के अनुसार इस प्रक्रिया में कम से कम चार-पाँच दिन लग सकते हैं.

बुधवार को जोधपुर जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश मनोज व्यास की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील आनंद पुरोहित ने यह खुलासा किया कि जोधपुर के डीसीपी अजयपाल सिंह लांबा को धमकीभरा खत मिला है. साथ ही जोधपुर की पुलिस कमीश्नर और मामले की जाँच अधिकारी चंचल मिश्रा ने भी कहा है कि आसाराम के समर्थक की ओर से उन्हें घूस की पेशकश की गई.

इसके अलावा आसाराम के वकील द्वारा घटना के कुछ दिन बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि लड़की सदमें में थी और शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे साहस जुटाने में समय लगा.

न्यायालय में पेश की गई याचिका में आसाराम के वकील ने यह कहा था कि जोधपुर पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती धारा लगाने में भूल की है, लेकिन उनकी इस आपत्ति को कोर्ट ने खारिज कर दिया.


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