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लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की हत्या

लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की हत्या

काबुल. 5 सितंबर 2013

सुष्मिता बैनर्जी


तालिबान की पकड़ से बच निकलने के बारे में प्रसिद्ध किताब लिखने वाली भारतीय लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की अफगानिस्तान के पाक्तिया प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई. एक अफगानी व्यवसायी से विवाह करने वाली सुष्मिता बनर्जी (49 वर्ष) की हत्या पक्तिका प्रांत की राजधानी खाराना स्थित उनके घर के बाहर की गई. इसके बाद हत्यारों ने उनकी लाश को एक धार्मिक स्थल के बाहर फेंक दिया.

वर्ष 1995 में तालिबान की पकड़ से निकलने की नाटकीय घटना पर लिखी किताब बेस्ट सेलर हुई थी और उस पर 2003 में बालीवुड में एक फिल्म भी बनी थी. बैनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान गईं थीं.

'एक काबुलीवाले की बंगाली पत्नी' नामक किताब से बनर्जी भारत में बहुत प्रसिद्ध हो गईं थीं. इस किताब में अपने पति जांबाज खान के साथ अफगानिस्तान में रहने और तालिबान के चंगुल से बच निकलने की कहानी है.

इस किताब पर 2003 की बालीवुड फिल्म 'एस्केप फ्राम तालिबान' बनी. इसमें प्रमुख भूमिका मनीषा कोइराला ने निभाई थी.