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जमानत बढ़ाने चौटाला की याचिका नामंजूर

जमानत बढ़ाने चौटाला की याचिका नामंजूर

नई दिल्ली. 6 सितंबर 2013

अब्दुल करीम टुंडा


दिल्ली उच्च न्यायालय ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की जमानत अवधि बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है.. बहुचर्चित जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दोषी ठहराए चौटाला ने चिकित्सकीय आधार पर अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी दी थी लेकिन शुक्रवार को उसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया और चौटाला को 17 सितंबर तक तिहाड़ जेल में अधिकारियों के सामने समर्पण करना होगा.

दिल्ली उच्च न्यायालय में चौटाला की अर्जी खारिज करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने कहा कि 'मेरा विचार है कि उन्हें अब अस्पताल में और भर्ती रहने की जरूरत नहीं है. मुझे उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के पीछे कोई आधार नहीं दिखता. तदनुसार अर्जी खारिज की जाती है.'

इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने 21 मई को चौटाला को पेसमेकर लगवाने के लिए छह हफ्तों की अंतरिम जमानत दी थी जिसे 31 अगस्त को अवधि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा दाखिल रिपोर्ट के आधार पर एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया था.

गौरतलब है कि 1999-2000 के दौरान हरियाणा सरकार द्वारा 3206 जूनियर बेसिक ट्रेंड (जेबीटी) शिक्षकों की भर्ती की गई थी. इस भर्ती के बाद हरियाणा राज्य शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा के डायरेक्टर संजीव कुमार ने इन भर्तियों में घोटाले के आरोप लगाए थे. इस मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला समेत 55 लोगों को सज़ा सुनाई गई थी.