पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >उ.प्र. Print | Share This  

मुजफ्फरनगर में हिंसा पर अब तक काबू नहीं

मुजफ्फरनगर में हिंसा पर अब तक काबू नहीं

लखनऊ. 10 सितंबर 2013

हिंसा


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन लगतार दावा कर रहा है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन फिर भी मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है. हिंसा के इसी दौर में सोमवार देर रात आठ और लोगों के मारे जाने के बाद यहां मृतकों की संख्या 38 हो गई है.

बताया जा रहा है कि शहरी इलाके में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति सुधारने के लिए सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. जिला प्रशासन के मुताबिक देर रात ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई. हिंसा में अब तक 48 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

इस बीच सांप्रदायिक तनाव की आग आस-पास के जिलों बागपत, शामली और मेरठ के कई इलाकों जिनमें ग्रामीण इलाके प्रमुख है में भी फैल गई है और यहां हुई अलग-अलग हिंसा में तीन लोगों के मारे जाने की सूचना है लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 286 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है और 46 लोगों के खिलाफ नामजदगी दर्ज कराई गई है. जिले के सिसौली, शाहपुर, बानिग, कालापार और बारातालाब में ज्यादा हिंसा देखी जा रही है.

उल्लेखनीय है कि लगभग एक सप्ताह पूर्व छेड़छाड़ की एक घटना के बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी. इसी घटना को लेकर शनिवार को महापंचायत बुलाई गई थी. महापंचायत से लौट रहे लोगों पर शरारती तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद जिले में हिंसा भड़क उठी. हिंसा जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैली थी. इस मामले में एक राजनीतिक पार्टी के विधायक पर हिंसा के पुराने वीडियो दिखा कर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के भी आरोप हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in