पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

गैंगरेप के आरोपियों की सुरक्षा कड़ी

गैंगरेप के आरोपियों की सुरक्षा कड़ी

नई दिल्ली. 10 सितंबर 2013

रेप


दिल्ली गैंगरेप के चारों आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मंगलवार को फास्टट्रैक कोर्ट द्वार फैसला सुनाये जाने के बाद अदालत से चारों को कड़ी सुरक्षा में तिहाड़ जेल में ले जाया गया. तिहाड़ की जेल संख्या 4 में बंद अक्षय ठाकुर व मुकेश और जेल संख्या 7 में बंद विनय शर्मा और पवन को दूसरे कैदियों से मिलने से रोक दिया गया है. इसके अलावा इन्हें भी दूसरे कैदियों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है.

दिल्ली के बहुचर्चित गैंगरेप केस में फास्टट्रैक कोर्ट ने चार अभियुक्तों को हत्या और बलात्कार का दोषी ठहराया गया है. इस मामले में माना जा रहा है कि अभियुक्तों के फांसी की सजा हो सकती है या फिर इन्हें उम्र कैद की सजा मिल सकती है. इस मामले में मुकेश, अक्षय, पवन और विनय के खिलाफ सजा सुनाये जाने पर बुधवार को फैसला होगा.

गौरतलब है कि 16 दिसंबर की रात दिल्ली की एक चलती बस में इस लड़की के साथ छह लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था. बलात्कार करने के बाद आरोपियों ने इस लड़की और उसके पुरुष मित्र की बेरहमी से पिटाई भी की थी और चलती बस से नीचे फेंक दिया था, जिसके बाद लड़की का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे 26 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी. लड़की के साथ हुये गैंगरेप को लेकर पूरे देश भर में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुये थे.

इस मामले में गिरफ्तार 6 लोगों में से एक नाबालिग अभियुक्त को पुलिस ने दोषी माना था और बलात्कार और हत्या के मामले में तीन साल सुधार गृह में रहने की सज़ा सुनाई गई थी. इस मामले के एक और अभियुक्त राम सिंह ने 11 मार्च को तिहाड़ जेल में कथित रुप से आत्महत्या कर ली थी. इस मामले के बचे चार अभियुक्तों को दोषी ठहराने की प्रक्रिया शुरु की गई थी और 3 सितंबर को फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी.