पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >उ.प्र. Print | Share This  

मुजफ्फरनगर के हालात सुधरे, कर्फ्यू में ढील

मुजफ्फरनगर के हालात सुधरे, कर्फ्यू में ढील

मुजफ्फरनगर. 13 सितंबर 2013

खाद्य सुरक्षा


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भड़की हिंसा थमने के बाद लगातार तेजी से हालात शांतिपूर्ण हो रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार से दिनभर (12 घंटे) के लिए कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया है.

 राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अरुण कुमार ने शुक्रवार को बताया कि तेजी से सुधरते हालात के मद्देनजर तीनों थाना क्षेत्रों-सिविल लाइन, कोतवाली और नई मंडी में आज से दिन का (सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक) कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया गया है. अब केवल रात के वक्त ही कर्फ्यू प्रभावी रहेगा. छूट की अवधि एक घंटा और बढ़ाई जा सकती है.

इससे पहले गुरुवार को कर्फ्यू में पहले सात घंटे की ढील दी गई थी जिसे बाद में बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया. ढील के दौरान हिंसा की कोई भी घटना नहीं घटी. ढील के दौरान बाजारों में रौनक देखी जा रही है. लोग जरूरत का सामान खरीदने के लिए घरों से बिना भय के निकल रहे हैं. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों का पहरा है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मुजफ्फरनगर हिंसा में मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच चुकी है, जिसमें मुजफ्फरनगर में 38, सहारनपुर में एक, मेरठ में एक और बागपत में तीन मौतें हुई हैं.

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के कवाल इलाके में लगभग दो सप्ताह पूर्व छेड़छाड़ की एक घटना के बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी. इसी घटना को लेकर गत शनिवार को महापंचायत बुलाई गई थी. महापंचायत से लौट रहे लोगों पर शरारती तत्वों ने पथराव किया जिसके बाद जिले में हिंसा भड़क उठी. हिंसा जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल गई थी.

हिंसा के बाद घर छोड़ने वाले हजारों ग्रामीण राहत शिविरों में पहुंच गए हैं जहां प्रशासन की तरफ से उनके रहने, खाने और दवा व इलाज का इंतजाम किया गया है.

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि प्रशासन की तरफ से पीड़ितों की मदद के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सहायता शिविरों की देखभाल के लिए अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. जो वहां सारी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखेंगे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in