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दिल्ली गैंगरेप आरोपियों को फांसी

दिल्ली गैंगरेप आरोपियों को फांसी

नई दिल्ली. 13 अगस्त 2013

दिल्ली गैंगरेप


दिल्ली गैंगरेप मामले में साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों मुकेश, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर को फांसी की सज़ा सुनाई है. इन दोषियों को 11 धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है, हालांकि फांसी की सज़ा को अधिकतम सजा होने की वजह से लागू किया जाएगा. सज़ा सुनाते वक्त जज ने इसे "रेयरेस्ट ऑफ रेयर" गुनाह माना और कहा कि इस अपराध ने समाज को झंझोड़ कर रख दिया.

इससे पहले मामले की सुनवाई 10 सितंबर यानी गत बुधवार को हुई थी जब न्यायालय ने बचाव और अभियोजन पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इन चारों आरोपियों को हत्या और गैंग रेप समेत आईपीसी की 11 धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया था. इन धाराओँ में सामूहिक बलात्कार के अलावा हत्या, अपहरण, डकैती, अप्राकृतिक सेक्स और आपराधिक साजिश मुख्य थीं.

बुधवार की सुनवाई के दौरान एडिशनल सेशन जज योगेश खन्ना ने कहा था कि दोषियों ने सोची-समझी साजिश के तहत इस गैंगरेप को अंजाम दिया. इन्होंने उस लड़की की हत्या की, जिसके पास बचने का कोई उपाय नहीं था. ये लोग निर्मम हत्या के लिए दोषी करार दिए जाते हैं

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के मुनिरका इलाके में एक चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस छह आरोपियों ने गैंगरेप किया था. इस दौरान छात्रा और उसके साथी को मारा पीटा गया और दोनों को चलती बस से नीचे फेंक दिया था. जिसके बाद लड़की का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे 26 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी.

इस जघन्य रेपकांड के एक आरोपी राम सिंह ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी जबकि एक दूसरे नाबालिग आरोपी को हाल ही में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने हत्या और गैंग रेप समेत आईपीसी की तमाम धाराओं के तहत दोषी मानते हुए अधिकतम तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया था.

लड़की के साथ हुये गैंगरेप को लेकर पूरे देश भर में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुये थे. इस दौरान देश भर से रेप के खिलाफ कड़ा कानून बनाने और दोषियों को सख्त से सख्त सज़ा देने की मांग की गई थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने एंटी रेप कानून भी बनाया था.


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