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कलाम का सुझाव, कृषि निर्भरता कम हो

कलाम का सुझाव, कृषि निर्भरता कम हो

इंदौर. 12 दिसंबर 2009


पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम ने कहा है कि देश में गांवों की हालत बदलने के लिए खेती से निर्भरता घटाना होगा और फसलों की उत्पादकता बढ़ानी होगी. इंदौर के भारतीय प्रबंधन संस्थान के एक आयोजन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें खेती से अपनी निर्भरता 60 फीसदी से कम करके 20 फीसदी तक लाना होगा.

पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में शुरु की गई पुरा परियोजना कम उत्पादकता और खेतीहर वर्ग के आर्थिक विकास के वैकल्पिक अवसरों की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में जरुरी है कि हम उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दें. एपीजे कलाम ने कहा कि 11वीं पंचवर्षिय योजना में देश के 600 जिलों में 1200 पुरा बनाने की योजना है.
 
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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

PRAVIN PATEL (tribalwelfare@gmail.com) BILASPUR

 
 The statement of Dr. A.P.J.Abdul Kalam also confirms the pathetic economical conditions of our farmers, who are the backbone of rural economy. There is no dispute that there is an urgent need to promote more livelihood programs in non farm sector to reduce dependence on farm sector by the farmers. But the biggest question is that when there are corrupt faces all around, who will bell the cat?

There is no hope from the spineless corrupt hollow administration where politics is used to grab the positions of power in order to swallow public money. Until and unless there is no strong public movement against the corrupt people. Worst days are yet to come.

Pravin Patel
 
   

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