पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >कला >महाराष्ट्र Print | Share This  

दिलीप कुमार की हालत गंभीर

दिलीप कुमार की हालत गंभीर

मुंबई. 16 सितंबर 2013

दिलीप कुमार


फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है. लीलावती अस्पताल के डाक्टरों ने कहा है कि अभी उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है लेकिन वे फिलहाल ठीक हैं.

गौरतलब है कि 90 साल के दिलीप कुमार की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई थी. इसके बाद उनको लीलावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. 11 दिसंबर, 1922 को जन्में दिलीप कुमार को ट्रेजडी किंग कहा जाता है.

भारत और पाकिस्तान में समान रुप से लोकप्रिय दिलीप कुमार को कुछ समय पहले ही उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और पाकिस्तान सरकार ने भी उन्हें अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ दिया है.

उनकी पहली फिल्म 'ज्वार भाटा' थी, जो 1944 मे आई। 1949 मे बनी फिल्म अंदाज़ की सफलता ने उन्हे प्रसिद्धी दिलाई, इस फिल्म में उन्होने राज कपूर के साथ काम किया। दिदार (1951) और देवदास(1955) जैसी फिल्मो मे दुखद भूमिकाओं के मशहूर होने के कारण उन्हे ट्रेजिडी किंग कहा गया। मुगले-ए-आज़म (1960) मे उन्होने मुग़ल राजकुमार जहांगीर की भूमिका निभाई. यह फिल्म पहले श्वेत और श्याम थी और 2004 मे रंगीन बनाई गई। उन्होने 1961 मे गंगा-जमुना फिल्म का निर्माण भी किया, जिसमे उनके साथ उनके छोटे भाई नासीर खान ने काम किया.

1970, 1980 और 1990 के दशक मे उन्होने कम फिल्मो मे काम किया। इस समय की उनकी प्रमुख फिल्मे थी: विधाता (1982), दुनिया (1984), कर्मा (1986), इज्जतदार(1990) और सौदागर(1991)। 1998 मे बनी फिल्म किला उनकी आखरी फिल्म थी. हालांकि इसके बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला दे कर काम करने से इंकार कर दिया.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in