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जगन मोहन रेड्डी को मिली जमानत

जगन मोहन रेड्डी को मिली जमानत

हैदराबाद. 23 सितंबर 2013

जगन मोहन रेड्डी


वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई एस. जगनमोहन रेड्डी को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में जमानत मिल गई है. रेड्डी को 16 महीनों से अधिक समय हिरासत में गुजारने के बाद सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया. इससे पहले पिछले हफ्ते सीबीआई अदालत ने रेड्डी की जमानत याचिका पर अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रखा था.

सोमवार को जमानत याचिका मंजूर करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश यू. दुर्गाप्रसाद राव ने जगन को अदालत की इजाजत के बगैर हैदराबाद से बाहर न जाने एवं जांच में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया.

उल्लेखनीय है कि आंध्रप्रदेश के कड़प्पा से सांसद जगन को सीबीआई ने पिछले वर्ष 27 मई को गिरफ्तार किया था. अदालत ने जगन को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा किया.

जगन के वकील अशोक रेड्डी ने अदालत से बाहर पत्रकारों को बताया, "हम आज जमानत राशि जमा नहीं कर पाएंगे. कल अदालत की कार्यवाही के पहले घंटे में हम जमानत दे देंगे."

न्यायाधीश ने जगन को सुनवाई के दौरान आवश्यकता पड़ने पर अदालत में पेश होने का भी निर्देश दिया और कहा कि यदि वह शर्तो का उल्लंघन करते हैं तो सीबीआई उनकी जमानत रद्द करने के लिए अदालत में अर्जी दे सकती है.

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने के आदेश के कुछ दिन बाद ही अदालत ने जगन को जमानत दे दी.

सीबीआई अब तक जगन एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ 10 आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें जगन के साथ-साथ राज्य के पूर्व मंत्रियों, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों, कारोबारियों एवं व्यापारियों को आरोपित किया गया है. इनमें से पांच आरोपपत्र इसी महीने में दाखिल किए गए.

जगन के खिलाफ इससे पहले पिछले 16 महीनों की सुनवाई के दौरान निचली अदालत, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कई बार उनकी जमानत याचिका खारिज की जा चुकी थी.

सोमवार को सीबीआई ने जगन को जमानत देने का विरोध करते हुए कहा कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. सीबीआई ने हालांकि न्यायालय को यह भी बताया कि उसने जगन के खिलाफ जांच पूरी कर ली है. सीबीआई ने न्यायालय को यह भी बताया कि उसे मामले में आरोपी कई कंपनियों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं.
 


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