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स्पॉट फिक्सिंग जाँच के लिए नई समिति

स्पॉट फिक्सिंग जाँच के लिए नई समिति

नई दिल्ली. 7 अक्टूबर 2013

बीसीसीआई


सर्वोच्च न्यायालय ने इंडियन प्रीमियर लीग के छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग एवं सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए नई तीन सदस्यीय नई जांच समिति गठित की है. सर्वोच्च न्यायालय ने यह समिति पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता में गठित की है.

समिति में न्यायमर्ति मुद्गल के अलावा वरिष्ठ वकील एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता एल. नागेश्वर राव और वरिष्ठ अधिवक्ता निलय दत्ता शामिल हैं

इस समिति को सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार महीने के अंतराल में जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है. नई जाँच समिति के गठन के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एन. श्रीनिवासन पर बीसीसीआई के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया है.

जांच समिति गठित करने संबंधित आदेश न्यायालय ने तब दिया, जब बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) ने न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए उस सुझाव पर अपनी सम्मति जताई, जिसमें स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति नियुक्त करने की बात कही गई थी.

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए. के. पटनायक और न्यायमूर्ति जे. एस. खेहर की पीठ ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन इस जांच समिति से पूरी तरह दूर रहेंगे, लेकिन जांचकर्ताओं को जरूरी सारी सुविधाएं मुहैया कराएंगे.