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सेना को विशेषाधिकार जरूरी: एंटोनी

सेना को विशेषाधिकार जरूरी: एंटोनी

नई दिल्ली. 10 दिसंबर 2009


रक्षा मंत्री ए.के.एंटोनी ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू और कश्मीर तथा पूर्वोत्तर के राज्यों में फैले आतंकवाद से निपटने के लिए सेना को सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (एफएसपीए) की ज़रूरत है. वे राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सुधरते हालातों के मद्देनजर 30000 जवान वहां से हटा लिए हैं.

सेना को मिले हुए विशेषाधिकार कानून (एफएसपीए) के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि "जब तक सशस्त्र बलों की ऐसे इलाकों में उपस्थिति जरूरी होगी तब तक उन्हें विशेष प्रावधानों की आवश्यकता होगी. विशेष शक्तियों के बिना उनका काम करना संभव नहीं है”. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में सेना की उपस्तिथि जरूरत के अनुसार ही होगी. यदि स्थानीय पुलिस सोचती है कि सेना की ज़रूरत अभी नहीं है तो जवानों को वापस बुला लिया जाएगा.

श्री एंटोनी ने यह भी कहा कि चूंकि जम्मू कश्मीर की स्तिथि में सुधार हुआ है इसीलिए सेने की 2 डिवीज़न वापस बुलाने का फैसला लिया गया. हालांकि उनकी यह भी मानना था कि यदि सेना को ठीक तरीके से काम करना है तो उसे विशेष अधिकारों की जरूरत होगी ही. गौरतलब है कि उनका ये बयान जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एएफएसपीए के विरोध में उनसे मुलाकात करने और इस बारे में चिंता जताए जाने के बाद आया है.

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