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दतिया भगदड़: चार अधिकारी निलंबित

दतिया भगदड़: चार अधिकारी निलंबित

भोपाल. 14 अक्टूबर 2013

दतिया भगदड़


मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रतनगढ़ माता मंदिर के पहुँच में मार्ग स्थित पुल पर मची भगदड़ के मामले में जिले के कलेक्टर, एसपी सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. मध्यप्रदेश में आचार संहिता लागू है जिसके चलते राज्य सरकार ने इसके लिए पहले निर्वाचन आयोग से अनुमति ली फिर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) को प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया.

रविवार को मची इस भगदड़ के मामले में मरने वालों की आधिकारिक संख्या सोमवार तक 111 हो गई है जिनमें 33 बच्चे और 47 महिलाएं शामिल हैं. जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस आर गुप्ता ने बताया है कि अब तक 109 मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है और उनके शव परिजनों को सौंपे जा चुके है.

गौरतलब है कि रविवार को यह भगदड़ कुछ पुलिसवालों द्वारा फैलाई गई पुल के टूटने की अफवाह और बल प्रयोग के चलते मची थी जिसमें भीड़ ने बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चों को कुचल दिया था, वहीं कई लोग जान बचाने के लिए सिंधु नदी में कूद गए थे

मामले में पुलिसकर्मियों पर लाशों के गहने निकाल कर लाशों को नदी में फेंकने और कुछ जिंदा लोगों को नदी में धक्का देने के भी आरोप लगे थे. इन आरोपों के चलते पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान उठे थे लेकिन स्थानीय प्रशासन और नेताओं ने पुलिस का बचाव किया था और इसे अफवाह से हुई दुर्घटना बताया था.

इधर हादसे के दूसरे दिन सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ है और राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को निर्वाचन आयोग की अनुमति से प्राकृतिक आपदा प्रभावितों की तरह ही डेढ़ लाख का मुआवजा दे रही है. चौहान ने आगे कहा कि न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

वहीं कांग्रेस के नेता और केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सोमवार को रतनगढ़ का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बगैर कहा है कि भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों ने ही 300 लोगों को भगवान के पास पहुंचा दिया है, जबकि प्रशासन ने सिर्फ 111 लोगों की ही मौत का आंकड़ा दिया है.


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