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क्षेत्रीय पार्टियों के हाथ सत्ता की चाबी

क्षेत्रीय पार्टियों के हाथ सत्ता की चाबी

नई दिल्ली. 16 अक्टूबर 2013

क्षेत्रीय पार्टियां


एक चुनावी सर्वेक्षण के अनुसार अगले लोकसभा चुनावों मे सत्ता की चाबी क्षेत्रीय पार्टियों के हाथ में होगी. न्यूज़ चैनल-टाइम्स नाउ-सी वोटर के सर्वेक्षण के अनुसार क्षेत्रीय पार्टियों को वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनावों में 543 सदस्यीय लोकसभा में कम से कम 240 सीटें मिलेंगी और सरकार बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

इस सर्वेक्षण में दर्शाया गया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) से ज्यादा सीटें हासिल होंगी. इसके मुताबिक जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग 2009 के संख्या बल 159 से ज्यादा होकर 186 सीटें हासिल करेगा, वहीं कांग्रेस नीत संप्रग 259 से खिसक कर आधे से भी कम यानी 117 पर आ जाएगा.

केंद्र में सरकार गठन में क्षेत्रीय पार्टियां एआईएडीएमके, समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), वाम मोर्चा, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), बीजू जनता दल (बीजद), वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी.

सर्वे में कहा गया है कि राजग को 35 प्रतिशत, संप्रग को 27 प्रतिशत और क्षेत्रीय पार्टियों को 38 प्रतिशत मत मिलेंगे.

पार्टीवार ब्योरे में कहा गया है कि कांग्रेस को 2009 में मिले 206 सीटों के मुकाबले 102 सीटें मिलेंगी और भाजपा जिसे पिछले चुनाव में 116 सीटें मिली थी, को 162 सीटों पर जीत हासिल होगी. वाम मोर्चा 32 सीटें, बसपा 31, एआईएडीएमके 28, सपा 25, तृणमूल 23 राजद 14 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है. आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस 13 सीटों पर कब्जा कर सकती हैं.

सर्वे के अनुसार बिहार में सत्ताधारी जनता दल युनाइटेड को सिर्फ 9 सीटें ही मिल सकती हैं. पिछले चुनाव में पार्टी को 20 सीटें मिली थी. तमिलनाडु में विपक्षी डीएमके की मौजूदा सदस्य संख्या 18 से घटने की आशंका है और पार्टी को 5 सीटें ही मिल सकती हैं.