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भारत-चीन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

भारत-चीन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

बीजिंग. 23 अक्टूबर 2013

भारत-चीन


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके चीनी समकक्ष ली केकियांग ने बुधवार को सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान सीमा पार नदियों और जल बंटवारे के प्रबंधन से संबंधित समझौते को भी स्वीकृति दी गई.

इस मौके पर सिंह ने कहा कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) सीमा पर शांति स्थापित करने की मौजूदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा.

इधर, केकियांग ने कहा, "मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति लाएगा. हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनों पक्षों के नेतृत्व में सीमा पार मतभेदों को सुलझाने की क्षमता है."

मनमोहन सिंह ने कहा कि केकियांग के साथ उनकी बातचीत बेहद अच्छी रही है और जब भारत व चीन मिलते हैं, तो विश्व की नजर इस पर रहती है.

बीडीसीए पर हस्ताक्षर के अलावा दोनों देशों ने सीमा पार नदियों के जल बंटवारे, सड़क परिवहन सहयोग, विद्युत उपकरणों से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. बैठक में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, चीन में नालंदा विश्वविद्यालय खोलने, दिल्ली व बीजिंग, बेंगलुरू व चेंग्डु, कोलकाता व कनमिंग के बीच सहयोग स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई.

केकियांग ने उनकी भारत यात्रा और मनमोहन सिंह की चीन यात्रा को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इस दौरे पर गहरी व मित्रवत चर्चा हुई, जिसके बेहतरीन परिणाम सामने आए.

दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा सहयोग स्थापित करने का फैसला किया है जिसके अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम चीन में आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास किया जाएगा. इसके साथ ही यहां समुद्र से संबंधित गतिविधियों पर सहयोग की भी सहमति बनी.