पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

भाजपा भड़काती है दंगे: राहुल

भाजपा भड़काती है दंगे: राहुल

चुरु. 23 अक्टूबर 2013

राहुल गांधी


कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के चुरु में बुधवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने बेहद भावुक अंदाज में बताया कि कैसे देश को बांटने की साजिश वालों ने उनकी दादी इंदिरा गांधी और उनके पिता राजीव गांधी की हत्या की. राहुल ने कहा कि शायद ये आतंकी एक दिन उन्हें भी मार दें लेकिन वह किसी से नहीं डरते.

 

इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वह राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिकता माहौल बिगाड़ती है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही गुजरात और मुजफ्फरनगर में अपने सियासी फायदों के लिए दंगे भड़काए थे. वह भाजपा ही है जो हमेशा हिंदू-मुसलमान दंगे भड़काने का काम करती है.

गौरतलब है कि राजस्थान में दिसंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं और उसके मद्देनज़र राहुल गांधी राज्य के कोटा और उदयपुर में इससे पहले एक-एक सभा को संबोधित कर चुके हैं.

बुधवार की रैली के दौरान राहुल गांधी ने अपने बचपन की कहानी सुनाते हुए कहा, “मैं अपनी दादी इंदिरा गांधी के हत्यारों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह से बैडमिंटन खेलना सीखता था. एक दिन बगीचे में बेअंत सिंह ने मुझसे पूछा, 'तुम्हारी दादी कहां सोती हैं? क्या उनके सुरक्षा के उपाय पर्याप्त हैं? सवाल मुझे अच्छा नहीं लगा इसीलिए मैंने उसे टाल दिया."

राहुल ने कहा कि उन्हें बाद में समझ आया कि दरअसल वे दोनों इंदिरा गांधी की हत्या दीवाली के समय करना चाहते थे इसीलिए वे यह जानकारी चाहते थे.

राहुल ने कहा, 'मेरे मन में बेअंत और सतवंत के खिलाफ काफी समय बाद तक भी बहुत गुस्सा था. मैं अपनी दादी की मौत को भूल नहीं सकता. गुस्सा आने में चंद पल लगते हैं, लेकिन उसे खत्म होने में सालों लग जाते हैं.' उन्होने कहा कि मैं इसलिए बीजेपी की नफरत फैलाने वाली राजनीति के खिलाफ हूं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in