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विस्फोटों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन

विस्फोटों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन

पटना. 28 अक्टूबर 2013

इंडियन मुजाहिदीन


पटना में नरेंद्र मोदी की रैली से पहले हुए सिलसिलेवार विस्फोटों में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हाथ हो सकता है. बताया जा रहा है कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी इम्तियाज ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं जिससे ये स्पष्ट होता है कि इस घटना में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापक सदस्यों में से एक यासीन भटकल के साथियों का हाथ है

अब इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पटना से लेकर रांची तक में जांच शुरू कर दी है. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि पटना में गिरफ्तार संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है कि वे तीन टीमों में आए थे.

बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पटना में रविवार को हुई रैली आतंकवादियों के निशाने पर थी. चरमपंथियों का मकसद रैली में भगदड़ मचाना था. पुलिस का मानना है कि अगर पटना रेलवे स्टेशन पर विस्फोट नहीं होता तो गांधी मैदान में और क्षति हो सकती थी.

उन्होंने बताया कि पटना स्टेशन से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी इम्तियाज ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि घायल आतंकवादी तारिक उर्फ एनुल है जो रिमोट की बैट्री बदल रहा था और विस्फोट हो गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. इम्तियाज और एनुल रांची के सिठिओ गांव का रहने वाला है.

इस बीच इम्तियाज की निशानदेही पर पुलिस ने रांची में उसके घर पर छापेमारी की, जहां से प्रेशर कुकर बम, हथियार, ओसामा बिन लादेन की तस्वीर, जिहादी साहित्य और कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गई हैं.

गौरतलब है कि रविवार को हुए सिलसिलेवार सात बम धमाकों में छह लोगों की मृत्यु हो गई थी जबकि 80 से अधिक लोग घायल हो गए थे.  इन धमाकों में पहला पटना स्टेशन के शौचालय में हुआ था जबकि बाकी सभी धमाके नरेंद्र मोदी की रैली स्थल गांधी मैदान के बाहर हुए थे. राज्य सरकार ने हादसे में मरने वालों के परिवार के लिए पाँच-पाँच लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया था.