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मुजफ्फरनगर में फिर फैली हिंसा

मुजफ्फरनगर में फिर फैली हिंसा

मुजफ्फरनगर. 31 अक्टूबर 2013

मुजफ्फरनगर हिंसा


पिछले महीने ही सांप्रदायिक हिंसा का दौर झेल चुके मुजफ्फरनगर में एक बार फिर तनाव फैल गया है. बुधवार शाम को जिले के दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला समेत कुल चार लोगों की मृत्यु होने से स्थिति बिगड़ गई. टकराव के हालात बनते देख पुलिस प्रशासन ने जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षा फोर्स लगा दी. पुलिस ने इस सिलसिले में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.

पहली घटना बुधवार शाम 6 बजे की है जब जिले के मोहम्मदपुर रायसिंह गांव निवासी एक सेवानिवृत्त फौजी अपने गन्ने के खेत पर पानी चलाने गए थे. यहां पहले से छिपे कुछ 10-15 बदमाशों ने उन्हें घेर कर मारपीट शुरु कर दी. इस घटना की जानकारी एक दूसरे किसान ने फोन पर गांव वालों को दे दी

सूचना मिलते ही लाठी-डंडे और हथियारों से लैस होकर दर्जनों ग्रामीण पीएसी के जवानों के साथ खेत की ओर दौड़े. नकाबपोश बदमाशों ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी, जवाब में दूसरी तरफ से भी फायरिंग हुई. आमने-सामने हुई फायरिंग में हुसैनपुर कलां गांव के तीन युवकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

दूसरी घटना इसके सिर्फ 40 मिनट बाद हुई जहां बदमाशों ने अस्पताल से लौट रहे लिसाढ़ निवासी राजेंद्र कश्यप और उनके बीवी रीना कश्यप पर प्राणघातक हमला कर दिया. फुगाना इलाके में हुई इस वारदात में बदमाशों ने घमले से जमीन पर गिरी रीना को गोली मार दी जिससे उनकी मृत्यु हो गई जबकि राजेंद्र कश्यप गंभीर रुप से घायल हो गए.

इस घटना से आक्रोशित हसनपुर-लिसाढ़ के सैकड़ों ग्रामीणों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक पुलिस को शव नहीं उठाने दिया. पुलिस ने जब मामले में कुछ युवकों को गिरफ्तार किया, तो एक समुदाय विशेष के लोग उन्हें बेकसूर बताते हे बुढ़ाना कोतवाली के सामने प्रदर्शन करने लगे. सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इलाके में काफी सुरक्षा बल तैनात कर दिया और सूबे के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इलाके में पहुँच गए हैं.


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