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मुझे ड्रैकुला दिखाया जा रहा: आसाराम

मुझे ड्रैकुला दिखाया जा रहा: आसाराम

नई दिल्ली. 1 नवंबर 2013

asaram


यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार आसाराम ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा है कि उन्हें बच्चों का खून पीने वाले ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है. आसाराम ने न्यायालय के समक्ष प्रिंट और इलैक्ट्रानिक माध्यमों में उनके बारे में समाचारों के प्रकाशन-प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी जिससे न्यायालय ने इनकार कर दिया.

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ के समक्ष कहा कि उन्हें ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है. इस पर न्यायमूर्ति ने कहा कि न्यायालय मीडिया को पुलिस एवं अन्य स्रोतों से मिली खबर प्रकाशित करने से नहीं रोक सकता.

न्यायालय में आसाराम के वकील ने कहा कि मीडिया में यह खबर दिखाई जा रही है कि उनकी पत्नी और बेटी उनके पास लड़कियां भेजती थीं, इसके जवाब में न्यायालय ने वकील से कहा कि उनका इलाज कुछ और है और सर्वोच्च न्यायालय ही एकमात्र मंजिल नहीं है.

आसाराम के वकील ने मीडिया को काल्पनिक रिपोर्ताज प्रकाशित करने पर रोक लागाने का जोर डाला तो प्रधान न्यायाधीश सतशिवम ने सवाल किया, "क्या आपके कहने का आशय यह है कि हमसे मीडिया पर बंदिश लगाने के लिए कहने के अलावा आपके पास और कोई उपाय नहीं बचा है?"

वकील ने कहा, "मैं बच्चों का खून पीने का आदी हूं. मैं एक ड्रैकुला हूं, यही सब मीडिया लिख रहा है." अदालत ने इस पर कहा कि यह कुछ (आश्रम वासियों) का आरोप हो सकता है. उन्होंने न्यायालय से कहा कि वह पूरे मीडिया पर नहीं बल्कि सिर्फ दो चैनलों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं, जो कि नियमित रूप से आसाराम के बारे में झूठी खबरें प्रसारित कर रहे हैं.

अदालत ने कहा, "यदि वे ऐसा करना जारी रखते हैं, तो आपके पास दूसरे विकल्प हैं. यदि दीवानी और आपराधिक प्रावधानों में आपके पास कोई चारा नहीं बचता होगा तब हम सामने आएंगे."
 


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