पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >अमरीका Print | Share This  

ईरान पर और प्रतिबंध नहीं

ईरान पर और प्रतिबंध नहीं

वॉशिंगटन. 20 नवंबर 2013 बीबीसी

बराक ओबामा ईरान पर नहीं लगायेंगे प्रतिबंध


ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर बुधवार को जेनेवा में अमरीका और विश्व शक्तियों के साथ बातचीत शुरू करेगा. इस बातचीत से उसे उम्मीद है कि छह महीने का ऐसा अंतरिम समझौता हो जाएगा जिससे लंबी अवधि के करार के लिए उसे समय मिल जाएगा. ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़ारिफ़ ने कहा कि वो जेनेवा समझौते पर दस्तखत के इरादे के साथ जा रहे हैं.

उधर, अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीनेटरों से अपील की है कि वो फिलहाल ईरान के खिलाफ और कड़े प्रतिंबध का प्रस्ताव न लाएँ ताकि वैश्विक शक्तियों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में किसी समझौते तक पहुंचने का समय मिल सके.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने आगाह किया है अगर तेहरान से कोई समझौता नहीं हो पाता तो वह यूरेनियम का संवर्धन जारी रखेगा.

पी5+1 ग्रुप देशों के राजनयिक बुधवार को जिनेवा में बातचीत का नया दौर शुरू कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि इस मसले को सुलझा लिया जाएगा.

यूट्यूब पर एक संदेश में ईरान के विदेश मंत्री जावेद जाफरी ने कहा, ''हम हमारी संप्रुभता बनाए रखने की उम्मीद और आग्रह करते हैं. हम ईरानियों के लिए परमाणु ऊर्जा केवल किसी क्लब में शामिल होने या दूसरों को धमकाने के लिए नहीं है. परमाणु ऊर्जा हमारे लिए ऐसी छलांग है, एक ऐसी उछाल जिससे दूसरों को मौका देने के बजाय हम खुद अपनी नियति का फ़ैसला खुद कर सकें.''

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बारे में मंगलवार को सीनेटरों के साथ व्हाइट हाउस में दो घंटे तक मीटिंग की. इसमें उनके साथ विदेश मंत्री जॉन कैरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस शामिल थे.

हाल के दिनों में कुछ अमरीकी जन प्रतिनिधियों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा था, व्हाइट हाउस तेजी से इस मामले से हट रहा है जबकि उन्हें तेहरान के खिलाफ कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, '' हमारे पास ईरान प्रोग्राम की प्रगति को रोकने और पीछे लौटने देने के अवसर हैं लेकिन इससे पहले हमें देखना चाहिए कि हम किसी समग्र घोषणापत्र पर पहुंच सकते हैं या नहीं. ''

बयान में कहा गया है कि अगर शुरुआती तौर पर कोई सहमति नहीं बन पाती तो ईरान यूरेनियम का संवर्धऩ जारी रखने के साथ अरक शहर में प्लूटोनियम रिएक्टर विकसित करने की दिशा में नए उपकेंद्रों को स्थापित करना जारी रख सकता है.

प्रेस सचिव जान कार्ने ने कहा कि ओबामा ने सीनेटरों से कहा है कि नए प्रतिबंध तब ज्यादा प्रभावकारी होंगे अगर ईरान बातचीत की टेबल पर सहमति बनाने और नए समझौतों को मानने से इनकार कर देता है.

राष्ट्रपति ने इन रिपोर्ट्स का भी खंडन किया कि ईरान को प्रतिंबध राहत के लिए 40 बिलियन डॉलर की रकम दी जाएगी. वर्ष 2006 से संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने ईरान के परमाणु कायक्रम के मद्देनजर उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in