पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > समाज Print | Send to Friend | Share This 

बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी

बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी

नई दिल्ली. 1जनवरी 2010


महिला के साथ दुष्कर्म समेत अन्य अपराधों में निष्पक्ष और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्वित कराने के लिए सीआरपीसी में किए गए संशोधन लागू कर दिए गए है. इस संशोधन के बाद अब बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी. 31 दिसंबर को गृह मंत्रालय ने इस संशोधन की अधिसूचना जारी कर दिये हैं.

ज्ञात रहे कि सीआरपीसी में तीन साल पहले 2006 में ही बलात्कार से संबंधित कानूनों में परिवर्तन किये गये थे लेकिन उसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी, जिसके कारण वे संशोधन लागू नहीं किये जा सके थे.

ताज़ा संशोधन के बाद बलात्कार पीडित का बयान लेने के लिए अब महिला पुलिस अधिकारी को उसके घर जाना होगा, उसके माता-पिता या किसी एनजीओं की मौजूदगी में बयान दर्ज करना होगा. धारा 161 के तहत दर्ज बयान को बलात्कार के मामले में अनिवार्य तौर पर शामिल करना होगा.

[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in