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बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी

बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी

नई दिल्ली. 1जनवरी 2010


महिला के साथ दुष्कर्म समेत अन्य अपराधों में निष्पक्ष और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्वित कराने के लिए सीआरपीसी में किए गए संशोधन लागू कर दिए गए है. इस संशोधन के बाद अब बलात्कार मामले की सुनवाई महिला जज ही करेगी. 31 दिसंबर को गृह मंत्रालय ने इस संशोधन की अधिसूचना जारी कर दिये हैं.

ज्ञात रहे कि सीआरपीसी में तीन साल पहले 2006 में ही बलात्कार से संबंधित कानूनों में परिवर्तन किये गये थे लेकिन उसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई थी, जिसके कारण वे संशोधन लागू नहीं किये जा सके थे.

ताज़ा संशोधन के बाद बलात्कार पीडित का बयान लेने के लिए अब महिला पुलिस अधिकारी को उसके घर जाना होगा, उसके माता-पिता या किसी एनजीओं की मौजूदगी में बयान दर्ज करना होगा. धारा 161 के तहत दर्ज बयान को बलात्कार के मामले में अनिवार्य तौर पर शामिल करना होगा.

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