पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

न्याय मित्र के विरोध में सीबीआई

न्याय मित्र के विरोध में सीबीआई

नई दिल्ली. 26 नवंबर 2013

cbi


कोयला ब्लॉक आवंटन पर सीबीआई द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट पर एक ठोस राय बनाने के लिए एक 'न्याय मित्र' की नियुक्ति के सर्वोच्च न्यायालय के कदम का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विरोध किया है.

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ को सीबीआई ने बताया कि ऐसे कदम से निगरानी और पर्यवेक्षण के बीच का बारीक अंतर खत्म हो जाएगा और जांच की स्वंतत्रता से समझौता होगा.

बहरहाल, न्यायालय ने एक स्वयंसेवी संगठन कामन काज द्वारा दायर एक याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को एक नोटिस जारी किया है. कामन काज चाहता है कि प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले से हुई आय की जांच करे.

कामन काज की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सीबीआई के इस निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अपराध हुआ है, तो ईडी के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह जांच करे कि अपराध से हुई आय का क्या हुआ.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in