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न्याय मित्र के विरोध में सीबीआई

न्याय मित्र के विरोध में सीबीआई

नई दिल्ली. 26 नवंबर 2013

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कोयला ब्लॉक आवंटन पर सीबीआई द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट पर एक ठोस राय बनाने के लिए एक 'न्याय मित्र' की नियुक्ति के सर्वोच्च न्यायालय के कदम का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विरोध किया है.

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ को सीबीआई ने बताया कि ऐसे कदम से निगरानी और पर्यवेक्षण के बीच का बारीक अंतर खत्म हो जाएगा और जांच की स्वंतत्रता से समझौता होगा.

बहरहाल, न्यायालय ने एक स्वयंसेवी संगठन कामन काज द्वारा दायर एक याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को एक नोटिस जारी किया है. कामन काज चाहता है कि प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले से हुई आय की जांच करे.

कामन काज की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सीबीआई के इस निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अपराध हुआ है, तो ईडी के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह जांच करे कि अपराध से हुई आय का क्या हुआ.


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