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जासूसी मामले में शिंदे पर भड़की भाजपा

जासूसी मामले में शिंदे पर भड़की भाजपा

नई दिल्ली. 2 दिसंबर 2013

सुशील शिंदे


महिला आर्किटेक्ट की कथित जासूसी के मामले में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा जाँच कराए जाने का संकेत देना भाजपा को नागवार गुजरा है. सोमवार को पार्टी प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने जाँच कराए जाने की बात पर भड़कते हुए कहा, 'सुशील कुमार शिंदे की हैसियत क्या है कि वे गुजरात के मामले में हस्तक्षेप करें. तथाकथित जासूसी कांड की पीड़ित महिला ने कोई आपत्ति नहीं जताई. महिला के पिता ने पहले ही चिट्ठी लिखकर स्थिति स्पष्ट कर दी है फिर भी कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है.'

इससे पहले केंद्रीय गृह मँत्री सुशील कुमार शिंदे ने यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले में नरेंद्र मोदी पर गुजरात की प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगेगा, तो उनका कहना था कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, तब फैसला लिया जाएगा. मामले में मोदी पर आरोप लगाये जा रहे थे कि वह महिला आर्किटेक्ट मोदी की करीबी थी और उन्हीं के कहने पर उनके खासमखास माने जाने वाले अमित शाह ने उस महिला की जासूसी करवाई.

उल्लेखनीय है कि न्यूज़ पोर्टल कोबरा पोस्ट और गुलेल ने एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए यह दावा किया था कि गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह पर अपने 'साहेब' के लिए बेंगलूरु की एक आर्किटेक्ट युवती की जासूसी कराते थे. इसके बाद कांग्रेस ने मोदी पर आरोप लगाया था कि अमित शाह के साहेब वहीं हैं.

इस मामले में कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी की गुजरात सरकार द्वारा खुद की जाँच कराया जाना इस प्रकार ही है जैसे मुद्दई ही जाँच करे और उस जाँच का फैसला भी सुनाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में ये गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी हैं, जिनके पास गृह विभाग भी है और उनके इशारे पर ही महिला का फोन टैप किया गया.

दिग्विजय ने कहा कि अब मोदी ने पर्दा डालने के लिए यह तय किया कि इस मामले की कौन जांच करेगा और फैसला कौन देगा. यह उनकगे घोर तानाशाही चरित्र का संकेत देता है.


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