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तेलंगाना बंद से जनजीवन प्रभावित

तेलंगाना बंद से जनजीवन प्रभावित

हैदराबाद. 5 दिसंबर 2013

तेलंगाना


केंद्र सरकार के कथित रायल-तेलंगाना राज्य के गठन के प्रस्ताव की खबर के विरोध में आयोजित एक दिवसीय विरोध से इलाके में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. क्षेत्र के 10 जिलों परिवहन सेवा ठप पड़ गई है, जबकि दुकानें, व्यावसायिक केंद्र और शिक्षण संस्थान बंद हैं. बंद का राजधानी हैदराबाद में भी हल्का असर देखा गया है

पुलिस ने हैदराबाद और तेलंगाना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक हिंसा की कोई खबर नहीं है.

आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) की 3,000 से अधिक बसें सड़कों से नदारद हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.

मेडक, करीमनगर, निजामाबाद, अदिलाबाद, नलगोंडा, महबूबनगर, वारंगल और अन्य जिलों के विभिन्न हिस्से में दुकानें और व्यावसायिक केंद्र स्वेच्छापूर्वक बंद कर दिए गए थे.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमिटी (टीजेएसी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और एपीएसआरटीसी के हड़ताली कर्मचारी बस डिपो के बाहर सुबह से धरने पर बैठ गए और वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया.

टीआरएस ने रायलसीमा के दो या चार जिलों को तेलंगाना में शामिल कर रायल-तेलंगाना राज्य बनाने के सरकार के प्रस्ताव का विरोध करते हुए बंद का आह्वान किया है. टीजेएसी, भाजपा, भाकपा और अन्य ने इस बंद का समर्थन किया है. ये तेलंगाना में सिर्फ 10 जिलों को चाहते हैं जो प्रस्ताव कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रखा था.


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