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सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

नई दिल्ली. 9 दिसंबर 2013

तेलंगाना


चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से पिछड़ी यूपीए को अब तेलंगाना मुद्दे पर तेलुगु देशम पार्टी के चार और खुद के छह सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ा है. सोमवार को तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और कांग्रेस के ही इन सांसदों ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. ये सांसद तेलंगाना राज्य के निर्माण का विरोध कर रहे हैं.

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सभी कांग्रेसी सांसद सीमांध्र क्षेत्र से हैं. इसमें तटीय आंध्र और रायलसीमा का क्षेत्र शामिल है.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल पहले ही आंध्र प्रदेश के विभाजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा शीघ्र ही इसे मंजूरी के लिए राज्य विधानसभा को भेजने की उम्मीद है. सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति के लिए 50 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है.

कांग्रेस को तेलंगाना गठन के मुद्दे पर बहुत अधिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी भी तेलंगाना गठन के विरोध में हैं. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सदन के नियमानुसार मंगलवार सुबह अविश्वास प्रस्ताव पहला मुद्दा होगा.

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि स्थिति गंभीर है और अन्य पार्टियों के सांसदों को सदन में नियंत्रित करने का कोई उपाय नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी इस स्थिति से निपट लेगी.

तेदेपा के के.एन.राव ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया और उनका समर्थन एन.शिव कुमार, एन.क्रिस्तप्पा और एम.वेणुगोपाल रेड्डी ने किया. जिन छह सांसदों ने नोटिस दिया है, उनमें एल.राजगोपाल, आर.एस.राव, अरुण कुमार, सबाम हरि, हर्ष कुमार और साई प्रताप शामिल हैं.