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निर्मल बाबा के खिलाफ वारंट

निर्मल बाबा के खिलाफ वारंट

मेरठ. 12 दिसंबर 2013

निर्मल बाबा


मधुमेह के मरीज को मीठी खीर खाने की सलाह देकर निर्मल बाबा बुरे फंस गए हैं. उत्तरप्रदेश के मेरठ की एक अदालत ने इस मामले में दायर परिवाद की सुनवाई में उपस्थित न होने पर निर्मल बाबा के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है.

गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश के ओरंगाशाहपुर डिग्गी निवासी और बागपत के जनता वैदिक कॉलेज में शिक्षक के रूप में कार्यरत हरीशवीर ने मेरठ की ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) विनीता की अदालत में केस दायर कर बताया था कि उन्हें मधुमेह की बीमारी पहले से थी जिसका इलाज पूछने के लिए उन्होंने 2012 में निर्मल बाबा से संपर्क किया था.

हरीशवीर का कहना है कि निर्मल बाबा ने उनसे 51 हज़ार रुपए लेकर ये बताया कि वे रोज़ मीठी खीर खुद भी खाएं और गरीबों में भी बांटें जिससे उनकी शुगर की बीमारी खत्म हो जाएगी. बकौल हरीशवीर निर्मल बाबा के इस उपाय से उसकी शुगर कम होने की बजाय बहुत बढ़ गई जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां उसकी मुश्किल से जान बची.

हरीशवार ने निर्मल बाबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया. इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण लेते हुए निर्मल बाबा के खिलाफ केस दर्ज कराया. इस मामले में पिछले साल 31 अक्टूबर को अदालत ने निर्मल बाबा को तलब किया, लेकिन समन जारी होने के बाद भी वह अदालत नहीं पहुँचे.

इसके बाद अदालत ने उन्हें हाजिरी माफी दे दी थी. अब मामले में फिर से कार्यवाही करते हुए अदालत ने उन्हें वारंट देते हुए 6 जनवरी तक सुनवाई के लिए हाज़िर होने का आदेश दिया है.


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