पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

चारा घोटाले में लालू को जमानत

चारा घोटाले में लालू को जमानत

नई दिल्ली. 13 दिसंबर 2013

लालू यादव


चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सर्वोच्च न्यायालय से शुक्रवार को जमानत मिल गई. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की खंडपीठ ने लालू को अन्य दोषियों को दी गई जमानत के आधार पर ही जमानत दी है. इस प्रकार 70 दिन रांची की बिरसा मुंडा कारावास में बिताने के बाद लालू की रिहाई का रास्ता अब साफ हो गया है.

अपने फैसले में न्यायालय ने कहा कि लालू प्रसाद को दी गई पांच साल की सजा में से एक साल दो अलग-अलग चरणों में पूरे हो चुके हैं, जिसमें सुनवाई के दौरान 10 महीने का कारावास और दोषी पाए जाने के बाद से दो महीने का कारावास शामिल है. इससे पहले इस मामले के 44 दोषियों में से 37 को पहले ही जमानत मिल चुकी है और छह अन्य की याचिका पर निचली अदालत में विचार किया जा रहा है.

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में गत 30 सितंबर को लालू यादव को दोषी ठहराया गया था और फिर 3 अक्टूबर को पांच साल कारावास और 25 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. फैसले आने के बाद लालू ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई किसी अन्य न्यायालय में कराने की मांग की थी लेकिन इस याचिका को खारिज कर दिया गया था.

गौरतलब है कि बिहार में करोड़ों रुपए का चारा घोटाला 1996 में सामने आया था जिसमें तात्कालिक मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर आरोप हैं. नवंबर 2000 में झारखंड के अलग होने के दौरान 61 में से 54 मामले झारखंड स्थानांतरित कर दिए गए थे. केन्द्रीय जांच ब्यूरो की अलग-अलग विशेष अदालतें 43 से ज्यादा मामलों पर फैसला सुना चुकी हैं.