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गुजरात दंगे: मोदी को क्लीनचिट

गुजरात दंगे: मोदी को क्लीनचिट

अहमदाबाद. 26 दिसंबर 2013

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भाजपा नेता नरेंद्र मोदी को 2002 गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले में अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है. कोर्ट ने गुरुवार को इन दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एवं 58 अन्य को 2002 के दंगों में भूमिका के मामले में क्लीन चिट देने वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी.

मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट बीजे गणात्रा ने खुली अदालत में फैसला सुनाते हुए जकिया के वकील मिहिर देसाई से कहा कि उनकी याचिका खारिज की जाती है और उन्हें ऊपरी अदालत में जाने की आजादी है. इस फैसले से आहत जाकिया जाफरी ने कहा कि वे इस मामले को उच्च न्यायालय में लेकर जाएंगी क्योंकि उन्हें भरोसा है कि उनकी बात कोई न कोई कोर्ट तो सुनेगा.

वहीं मामले से जुड़ी रहीं सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने भी इसस फैसले के प्रति निराशा जताते हुए कहा कि कोर्ट ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण की अनदेखी की है.

गौरतलब है कि जाकिया ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया था कि एसआईटी ने पुलिस अधिकारियों के बयान एवं अन्य उपलब्ध सबूतों को नजरअंदाज कर मोदी एवं अन्य को बचाने का काम किया है.  वर्ष 2006 में जाफरी ने 2002 के दंगों के दौरान मोदी एवं 62 अन्य के खिलाफ साजिश की शिकायत दर्ज किए जाने की मांग की थी क्योंकि उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी ने सोचीसमझी साजिश के तहत गुजरात दंगे भड़कने दिए और उन्हें रोकने के लिए असरदार काम नहीं किया.

इसके बाद इस मामले की जाँच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी ने भी मोदी को क्लीनचिट दे दी थी और अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि मोदी व अन्य के खिलाफ मामला चलाने के लायक सबूत नहीं है और यह घटना (गुलबर्गा सोसायटी) उसके जांच के दायरे से बाहर है.

इधर इस फैसले के बाद नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए अपनी खुशी जताई और कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है.