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नए साल पर जश्न का दौर

नए साल पर जश्न का दौर

नई दिल्ली. 1 जनवरी 2014

नए साल का जश्न


नये साल का जश्न देश भर में जम कर मनाया गया. 70 करोड़ से अधिक गरीबों वाले इस देश में रात के 12 बजते ही आतिशबाजियां हुईं, होटलों में पार्टियां शबाब पर पहुंची और सड़कों पर हुड़दंग तो हुये ही.

नये साल के स्वागत का जश्न दो दिन पहले से ही शुरु हो गया था. देश के अधिकांश छोटे-बड़े शहरों में पार्टियों का दौर शुरु था. लेकिन यह सब कुछ परवान चढ़ा साल के अंतिम दिन में और फिर जश्न का जुनून ऐसा चढ़ा कि उसके उतरने में अभी सप्ताह भर का समय और लगेगा.

माना जा रहा है कि देश में नये साल का जश्न कम से कम 10 हज़ार करोड़ रुपये का है. अकेले एक हज़ार करोड़ के पटाखे ही चल जाते हैं. शराब के दौर और दूसरी किस्म की पार्टियां तो गली-मुहल्लों में होने लगी हैं. बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के पूरे आयोजन अभी सप्ताह भर तक चलेंगे.


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