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बिजली कंपनियां कराएंगी सीएजी ऑडिट?

बिजली कंपनियां कराएंगी सीएजी ऑडिट?

नई दिल्ली. 1 जनवरी 2014

अरविंद केजरीवाल


अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार को बिजली कंपनी डिस्कॉम सीएजी ऑडिट पर बुधवार को जवाब देगी. माना जा रहा है कि तीनों बिजली कंपनियां सीएजी ऑडिट के लिये मना कर सकती हैं. दूसरी तरफ सीएजी जांच के लिये तैयार बैठी है. सीएजी इन कंपनियों के ऑडिट में भी अधिक समय नहीं लगाएगी. हालांकि इस मामले का एकमात्र पेंच सीएजी का ही नियम है, जिसके तहत 2002 में सीएजी ने इन कंपनियों के ऑडिट से इंकार कर दिया था.

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य की तीनों बिजली कंपनियों से पूछा था कि क्यों नहीं उनका सीएजी से ऑडिट कराया जाये. इसके लिये सरकार ने तीनों बिजली कंपनियों को नोटिस जारी कर बुधवार की सुबह तक जवाब देने को कहा है. तीनों कंपनियां राज्य सरकार के साथ साझा उपक्रम में काम करती हैं. इस उपक्रम डिस्कॉम में तीनों कंपनियों की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत है और शेष हिस्सेदारी राज्य सरकार की है.

बिजली कंपनियों का दावा है कि उनका हर तीन माह में ऑडिट होता है और ऑडिट करने वाले सीएजी से ही अधिमान्यता प्राप्त हैं. इसके अलावा इस ऑडिट को दिल्ली के मुख्य सचिव, वित्त सचिव व ऊर्जा सचिव वाली बोर्ड ऑफ कंपनी की स्वीकृति दी जाती है.

इतना सब होने के बाद भी एक पेंच सीएजी का ही नियम है, जहां बात अटक सकती है. 2002 में जब बिजली कंपनियों का निजिकरण किया गया था, उस समय 1 जुलाई को सीएजी ने ही कहा था कि कंपनी ऐक्ट की धारा 617 के तहत ये कंपनियां सरकारी उपक्रम नहीं होने के कारण सीएजी की जांच से बाहर हैं. हालांकि बाद में 2011 में राज्य सरकार ने इन कंपनियों की सीएजी जांच के लिये कहा था लेकिन इसके बाद से यह मामला हाईकोर्ट में अटका पड़ा है.


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