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अब दूध के दाम बढ़ेंगे

अब दूध के दाम बढ़ेंगे

नई दिल्ली. 20 जनवरी 2010


देश के कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि आने वाले दिनों में देश में दूध के दाम बढ़ सकते हैं. ज्ञात रहे कि इससे पहले शरद पवार ने चीनी औऱ चावल के दाम बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया था और अगले दिन से ही चीनी और चावल की कीमतें बढ़ती चली गई थीं.

एक कार्यक्रम में शरद पवार ने दावा किया कि उत्तरी भारत में दूध का उत्पादन बहुत कम हो गया है, इसलिए उन पर दूध का दाम बढ़ाने का दबाव है. कृषि मंत्री के अनुसार देश में दूध का उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है, जिसके तहत एक नेशनल डेयरी बनाने की योजना है. इसके बाद दूध का उत्पादन 30 लाख टन से बढ़कर 50 लाख टन हर साल हो जाएगा.

इधर बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर बीजेपी के नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की. प्रतिनिधि मंडल में लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के अलावा संसद में दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष-सुषमा स्वराज और अरुण जेटली शामिल थे.

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मौजूदा महंगाई के लिए केंद्र सरकार व उसके मंत्री शरद पवार जिम्मेदार हैं. इसलिए अब उस पर इधर उधर की बातें करने के बजाय प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए. भाजपा काफी पहले ही पवार के इस्तीफे की मांग कर चुकी है. अब जबकि हालात काबू के बाहर हो रहे हैं तो प्रधानमंत्री को खुद ही पहल करते हुए पवार को इस मंत्रालय से हटा देना चाहिए. पवार चीनी और अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्य नियंत्रण के लिए ठोस कुछ भी नहीं कर रहे हैं.

भाजपा प्रवक्ता ने राज्यों को मूल्य वृद्धि के लिये जिम्मेवार बताये जाने के शरद पवार के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के सहयोग से कांग्रेस की कई सालों से साझा सरकार चल चल रही है, आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और दिल्ली में भी 15 साल से यही पार्टी सत्ता में है. इन राज्यों में मंहगाई क्यों है? रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर पवार के पास राज्यों पर आरोप लगाने के लिए कोई तथ्यात्मक आंकड़े हैं, तो वह उन्हें पेश करें.


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