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अनिवार्य मतदान संभव नहीं-चुनाव आयोग

अनिवार्य मतदान संभव नहीं-चुनाव आयोग

नई दिल्ली. 25 जनवरी 2010


गुजरात के स्थानीय निकाय के चुनावों में मतदान अनिवार्य करने के वहां की नरेन्द्र मोदी सरकार के निर्णय के बाद चुनाव आयोग ने लोकसभा अथवा विधानसभा चुनाव में ऐसा किए जाने की किसी भी संभावना से साफ इंकार किया है.हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि राज्य चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संगठन है और हम उसके काम पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

ज्ञात रहे कि पिछले साल से गुजरात स्थानीय प्राधिकरण कानून (सुधार) विधेयक-2009 के अमल में आने के बाद से मनपा, नपा व पंचायत जैसे स्थानीय प्रशासनों के चुनावों में मतदाताओं को जहां अनिवार्य रूप से मतदान करना होगा, वहीं कोई भी प्रत्याशी योग्य न लगने की स्थिति में मतदाता उसे नकार सकेगा. मतदान न करने की स्थिति में सम्बन्धित मतदाता को कारण स्पष्ट करना होगा.

गुजरात सरकार के इस निर्णय के बारे में पूछे जाने पर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने कहा कि इसे लोकसभा या विधानसभा चुनाव के लिये लागू किया जाना एकदम असंभव है.

इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर केन्द्र मानता है कि अनिवार्य मतदान एक गंभीर मुद्दा है तो उसे सर्वानुमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.


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