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आप ने नहीं बताए चंदे के स्त्रोत

आप ने नहीं बताए चंदे के स्त्रोत

नई दिल्ली. 29 जनवरी 2013

aam aadmi party


केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने चंदे के स्रोत के संबंध में भेजे गए नोटिस का जवाब अभी तक नहं दिया है. गृह मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव मेहरा ने पीठ को बताया कि सरकार ने चंदे के स्रोत के बारे बताने के लिए आप को दो बार लिखित नोटिस भेजा है, लेकिन आप ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है

मेहरा ने कहा, "सरकार ने आप को दो बार नोटिस भेजा और हम अभी भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं. हम अपनी जांच जारी रखेंगे."

न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति जयवंत नाथ की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता वकील एम.एल.शर्मा से कहा कि वह इस मामले में आप को बतौर एक पक्ष के रूप में शामिल करें और इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई की तारीख पांच फरवरी तय कर दी है.

इससे पहले न्यायालय ने 26 नवंबर, 2012 को आप के गठन से लेकर अब तक उसे मिले चंदे की जांच करने और विदेशी अनुदान नियमन कानून (एफसीआरए) का उल्लंघन पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे.

न्यायालय एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री और अन्य के खिलाफ कानून का उल्लंघन कर विदेशों से चंदा प्राप्त करने के संदर्भ में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता शर्मा ने आप सदस्यों द्वारा जमा किए गए धन और उनके खातों को जब्त करने की भी मांग की है.

याचिका में केजरीवाल, अधिवक्ता द्वय शांति भूषण और प्रशांत भूषण तथा दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया का नाम शामिल है और उसमें कहा गया है, "एफसीआरए के तहत आप के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए निर्देश दिए जाएं और न्याय के लिए न्यायालय की निगरानी में दैनिक सुनवाई हो."

याचिका में कहा गया है कि एफसीआरए राजनीतिक पार्टियों को विदेशों से चंदा लेने पर रोक लगाता है. मामले में एक पक्षकार की ओर से पेश हुए प्रशांत भूषण ने हालांकि कहा कि "याचिका दुर्भावना के साथ दायर की गई है."


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