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दिल्ली जनलोकपाल विधेयक को मंजूरी

दिल्ली जनलोकपाल विधेयक को मंजूरी

नई दिल्ली. 3 फरवरी 2013

केजरीवाल


दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने सोमवार को दिल्ली जनलोकपाल विधेयक को मंजूरी दे दी. राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधेयक को मंजूरी मिलने पर दिल्ली की जनता को बधाई दी. उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर अपनी टिप्पणी में कहा, "बधाई! दिल्ली जन लोकपाल विधेयक को दिल्ली मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी."

इसके बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार ने बताया कि इंदिरा गांधी स्टेडियम में विशेष संसद सत्र बुलाकर इस विधेयक को पारित किया जाएगा. अरविंद ने इससे पहले विधेयक को रामलीला मैदान में पारित किए जाने की घोषणा की थी और जन लोकपाल विधेयक को मंत्रिमंडल के समक्ष 31 जनवरी को पेश किया गया था

इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली जनलोकपाल बिल में मुख्यमंत्री से लेकर चपरासी तक को इसके दायरे में लाया गया है. उन्होंने कहा कि इसमें व्यवस्था की गई है कि गंभीर किस्म के रिश्वत के आरोप साबित होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है. इस बिल में व्हिसल ब्लोवर को सुरक्षा प्रदान करने

सिसोदिया ने कहा कि उनकी सरकार इसे केंद्र सरकार के पास न भेजकर सीधे विधानसभा में पेश करेगी. दिल्ली सरकार के इसी रुख को लेकर कानून विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसा होता है और फिर से बिल पास हो जाता है तो वह असैवैधानिक होगा क्योंकि संविधान की धारा 239 ए ए के तहत दिल्ली का प्रशासन राष्ट्रपति के हाथ में होता है और उन्हीं के आधीन लेफ्टिनेंट गवर्नर दिल्ली के प्रशासक होते हैं.

संविधान के मुताबिक बिल को पहले दिल्ली के उप राज्यपाल के पास जाना चाहिए. उप राज्यपाल आमतौर पर बिल को राष्ट्रपति यानी गृह मंत्रालय के पास भेजते हैं, जहां से पास होने के बाद इसे राज्य में पास किया जाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार एक बार फिर इस बिल को लेकर आमने-सामने आ सकते हैं.


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