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अंतरिम रेल बजट में भाड़ा वृद्धि नहीं

अंतरिम रेल बजट में भाड़ा वृद्धि नहीं

नई दिल्ली. 12 फरवरी 2013

भारतीय रेल


रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को अगले कारोबारी साल के लिए अंतरिम रेल बजट पेश किया. उन्होंने किराए या मालभाड़े में वृद्धि नहीं की. साथ ही 72 नई रेलगाड़ियां चलाने और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का प्रावधान किया. यह उनका प्रथम और वर्तमान संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का आखिरी रेल बजट है.

खड़गे ने किराया तय करने के लिए एक नया निकाय बनाने का वादा किया और कहा कि पूर्वी तथा पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे पर काम अच्छी तरह से चल रहा है.

रेल मंत्री ने कुल मिलाकर 14 मिनट में अपने अंतरिम बजट भाषण का एक हिस्सा पढ़ा और उसके बाद अंतरिम रेल बजट तथा संबंधित दस्तावेजों को सदन के पटल पर रख दिया.

रेल मंत्री ने 72 नई रेलगाड़ियां शुरू करने की घोषणा की, जिसमें शामिल होंगी 17 प्रीमियम रेलगाड़ियां, 38 एक्स्प्रेस रेलगाड़ियां, 10 पैसेंजर रेलगाड़ियां, चार उपनगरीय रेल सेवा और तीन मध्य दूरी की अंतरशहरी डीजल लोकोमोटिव.

उन्होंने कहा कि वित्तीय कठिनाइयों के बाद भी वर्तमान कारोबारी साल के लक्ष्य पूरे हो गए. उन्होंने कहा कि अगले कारोबारी साल में अरुणाचल प्रदेश और मेघालय को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, और उधमपुर-कटरा खंड पर सेवा जल्द शुरू होगी. इस सेवा से यात्री वैष्णो देवी के अधिकतम निकट तक पहुंच सकेंगे.

अंतरिम रेल बजट में माल ढुलाई का लक्ष्य आगामी कारोबारी साल में 110 करोड़ टन रखा गया है, जो वर्तमान कारोबारी साल के संशोधित लक्ष्य से 4.97 करोड़ टन अधिक है. विद्युतीकरण के मामले में वर्तमान कारोबारी साल में 4,500 किलोमीटर मार्ग के लक्ष्य की जगह 4,556 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण पूरा हुआ. गेज दोहरीकरण भी 2,000 किलोमीटर के लक्ष्य की जगह 2,227 किलोमीटर पूरा हुआ.

उन्होंने कहा कि तीन नए कारखाने 2013-14 में शुरू हुए. ये हैं बिहार के छपरा जिले में रेल पहिया संयंत्र, उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रेल कोच कारखाना और पश्चिम बंगाल के डानकुनी में डीजल कंपोनेंट कारखाना.

सुरक्षा के बारे में मंत्री ने कहा कि एक भी मानव रहित रेल फाटक शेष नहीं रहा. पैंट्री कार में खाना पकाने के लिए इंडक्शन का उपयोग शुरू किया गया है और रेल फाटकों पर आने वाली रेलगाड़ियों की जानकारी के लिए बेहतर ऑडियो-विडियो प्रणाली शुरू की गई है.

मल्लिकार्जुन पिछले आठ महीने से ही रेल मंत्री हैं. उन्होंने रेल बजट प्रस्तुत करते हुए देश के सामाजिक आर्थिक विकास में रेलवे की भूमिका का बखान किया और कहा कि ढांचागत और वित्तीय संसाधन के अभाव के कारण यह कठिनाई से गुजर रहा है. उन्होंने कहा, "हमें रेलवे के लिए निवेश तथा अन्य जरूरतों पर अविलंब ध्यान देना चाहिए."
 


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