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केजरीवाल सत्ता के भूखे: अन्ना

केजरीवाल सत्ता के भूखे: अन्ना

रालेगण सिद्धी. 17 फरवरी 2013

अन्ना हज़ारे और अरविंद केजरीवाल


अन्ना हजारे ने अपने पूर्व सहयोगी अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर निशाने पर लेते हुए कहा है कि उन्हें देश और समाज की फिक्र नहीं है बल्कि सिर्फ सत्ता की भूख है.

अन्ना ने कहा कि केजरीवाल जनलोकपाल के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं थे और यदि ऐसा होता तो वो इस पर कांग्रेस औऱ भाजपा से बात कर सकते थे. अन्ना का कहना है कि अगर जनलोकपाल पर संवैधानिक संकट था तो उसे बातचीत से सुझाया जा सकता था इसके लिए इस्तीफा देने की क्या जरुरत थी.

अन्ना ने आप की भ्रष्टाचारी नेताओं की लिस्ट पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सिर्फ नाम बता देने से कुछ नहीं होगा पार्टी को इसके लिए सुबूत भी देना चाहिए. अन्ना ने यहां यह भी स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने आप पार्टी को किसी तरह का आशीर्वाद नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि उनका आशीर्वाद सिर्फ देश का भला सोचने वालों के लिए है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आप को लेकर लगातार विरोधाभासी वक्तव्य देते आ रहे अन्ना ने शनिवार को जनलोकपाल पारित न कर पाने पर केजरीवाल द्वारा इस्तीफा दिए जाने को सही ठहराया था और कहा था कि अगर वो लोकसभा में जाना चाहते हैं तो इसमें कुछ बुरा नहीं है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

anil yadav [anilyadav5800@gmail.com] surat - 2014-02-17 15:16:10

 
  सारे नेता चोर हैं. 
   
 

R N Bajpai [] Kuruksheta - 2014-02-17 14:11:13

 
  अब अण्णा जी ने पहली बार बिना लाग-लपेट के अरविन्द केजरीवाल की असलियत बता दी है। सत्यता तो यह है कि अण्णा जी का आंदोलन हथिया कर जनता में पैठ बनाई, फिर अण्णा जी से अलग हो कर कुर्सी के लिए राजनैतिक दल बनाया। बिना बहुमत के कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना कर मुख्य मंत्री का पद लेकर अन्य दलों के नेताओं को भ्रस्ट बताने लगे। अरविन्द केजरीवाल बार बार यही कहते रहे कि हमने समर्थन मांगा ही नहीं है, पर प्रश्न यह है कि उन्होने सरकार ही क्यों बनाई। अब कांग्रेस ने जब समर्थन वापस नहीं लिया तो सरकार क्यों गिराई। सत्यता यह है कि झूठे प्रचार से भोली भाली जनता की सहानुभूति ले कर प्रधान मंत्री की कुर्सी पर अब केजरीवाल की दृष्टि है।  
   
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