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तेलंगाना विधेयक लोकसभा में पारित

तेलंगाना विधेयक लोकसभा में पारित

नई दिल्ली. 18 फरवरी 2013

loksabha


आंध्र प्रदेश का विभाजन कर तेलंगाना राज्य बनाने से जुड़ा विधेयक लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया है. मंगलवार को भारी हंगामे के बीच गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बिल को सदन के समक्ष रखा जिस पर सरकार को मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा का भी समर्थन मिला जबकि माकपा, जदयू, सपा, टीडीपी जैसे दलों ने इसका भारी विरोध किया.

सदन की कार्यवाही के दौरान तेलंगाना का विरोध कर रहे आंध्र प्रदेश के सांसदों और कुछ विपक्षी पार्टियों ने अपना विरोध जताया. बिल के भारी विरोध प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी. इसके बाद मतदान के वक्त संसद के दरवाज़े बंद कर दिए गए और सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी बंद करा दिया गया था.

तेलंगाना विरोध के चलते कुछ दिन पहले निलंबित किए गए सांसदों को रोकने के लिए दरवाजों पर मार्शल भी तैनात किए गए थे. इसके बाद संक्षिप्त संशोधनों के साथ बिल लोकसभा में पारित हो गया.

बिल के पारित होने के बाद वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाईएसआर जगनमोहन रेड्डी ने इसे देश के इतिहास का काला दिन करार दिया और बुधवार को आंध्र प्रदेश बंद रखने का आह्वान किया. उन्होंने मीडिया से कहा, "संसद में आज यह विधेयक आंध्र प्रदेश विधानसभा और राज्य की जनता की इच्छा के बगैर पारित हुआ है."

जगन ने कहा, "हमने आज देखा कि कैसे अलोकतांत्रिक तरीके से एक विधेयक पारित हुआ. जिस तरह से कार्यवाही हुई, जिस तरह से लोकसभा अध्यक्ष ने 'हां' और 'ना' कहा, इससे यह स्पष्ट हो गया कि कैसे लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या हो सकती है."

उनके अलावा कई अन्य पार्टियों के सांसदों ने सरकार की कार्यशैली का विरोध करते हुए कहा कि बिल पर पार्टियों की राय नहीं ली गई बल्कि एकतरफा फैसला सुनाया गया जो कि बिल्कुल गलत है. तृणमूल और जदयू ने इस मामले में सदन से वॉकआउट किया. बाहर आकर जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि 'राज्य के बंटवारे पर ऐसा नजारा कभी नहीं देखा था'.


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