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तेलंगाना बिल राज्यसभा में पारित

तेलंगाना बिल राज्यसभा में पारित

नई दिल्ली. 20 फरवरी 2013. बीबीसी

तेलंगाना


अलग तेलंगाना राज्य के लिए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक-2013 राज्य सभा में भी पारित हो गया है. कई बार के स्थगन के बाद दोपहर बाद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसे राज्य सभा में पेश किया था. यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है. केंद्र सरकार ने सीमांध्र को पाँच साल तक विशेष राज्य का दर्जा देने की भी घोषणा की है.

अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंज़ूरी लेनी होगी और उसके बाद तेलंगाना के रूप में 29वां राज्य अमल में आ जाएगा. विधेयक पारित होने के बाद राज्य सभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

इससे पहले हंगामे के कारण राज्यसभा को गुरुवार को कई बार स्थगित करना पड़ा. हंगामे के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई.

इस मसले पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना और सीमांध्र में वोटों का फ़ायदा लेने की सोची थी मगर 'ये खेल' उन्हें नुक़सान पहुँचाएगा.

इससे पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि उनकी पार्टी हमेशा से ही आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरुद्ध रही है.

वहीं बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती का कहना था कि हैदराबाद को सीमांध्र और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी बनाना इस मसले का हल नहीं हो सकता. इस बहस में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय मंत्री चिरंजीवी ने कहा कि हर पार्टी इस मसले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने ये भी कहा कि तेलंगाना के गठन का जो रास्ता चुना गया वह दुर्भाग्यपूर्ण है.

इस बीच शुक्रवार को संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है. कमल नाथ ने कहा है कि अगर ज़रूरी हुआ तो सरकार शीतकालीन सत्र को बढ़ा भी सकती है. इससे पहले लोकसभा में इस विधेयक को मंगलवार को भारी विरोध और शोर-शराबे के बीच पारित किया गया था.
 


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