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मैदान में उतरा तीसरा मोर्चा

मैदान में उतरा तीसरा मोर्चा

नई दिल्ली. 25 फरवरी 2013

प्रकाश करात


आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र एनडीए और यूपीए के इतर 11 दलों ने मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है. मंगलवार को दिल्ली में इन 11 दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें ये अहम फैसला लिया गया. अभी मोर्चे के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर फैसला नहीं हुआ है.

इस बारे में मार्क्स वादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने बताया कि संप्रग और राजग से बाहर रहने वाले 11 दलों का मोर्चा लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेगा और भाजपा व कांग्रेस की पराजय सुनिश्चित करेगा.

मोर्चा में शामिल चार वामपंथी दल, समाजवादी पार्टी, जनता दल-यूनाइटेड, जनता दल-सेक्यूलर, एआईएडीएमके, बीजू जनता दल, असम गण परिषद और झारखंड विकास मोर्चा की बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए करात ने कहा कि पार्टियां केंद्र में कांग्रेस और भाजपा का विकल्प मुहैया कराने के लिए काम करेंगी.

करात ने कहा, "11 दलों के नेताओं ने लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का फैसला किया है."

बैठक में हालांकि असम गण परिषद और बीजू जनता दल के नेता शामिल नहीं हुए, लेकिन करात ने कहा कि इन पार्टियों के नेताओं ने पहले ही इस बात की जानकारी दे दी थी और व्यस्तता बता दी थी.

उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर हमने फैसला लिया है कि सभी 11 पार्टियों के नेता बैठक करेंगे और सहयोग एवं एकसाथ मिलकर काम करने के बारे में फैसला लेंगे."

कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के 'कुशासन' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 'बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से घिरा, अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि, किसानों की भारी दुर्दशा और असमानता बढ़ाने वाला रहा है. उन्होंने आगे कहा, "हम नहीं चाहते कि कांग्रेस और संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की सत्ता कायम रहे. हम कांग्रेस और संप्रग की पराजय के लिए काम करेंगे."

भाजपा की बुनियादी नीतियों को कांग्रेस से भिन्न नहीं करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा शासित प्रदेशों का प्रदर्शन और राष्ट्रीय जन तांत्रिक गठबंधन (राजग) का रिकार्ड उतना ही बुरा था जितना कि कांग्रेस और संप्रग का है.

करात ने कहा, "हमारे सामने आज चुनौती भाजपा और उसके प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हैं और वे धर्मनिरपेक्ष समुदाय के लिए भी चुनौती हैं."

उन्होंने भाजपा और उसके 'परामर्शदातृ संगठन आरएसएस' पर सांप्रदायिक एजेंडा रखने का आरोप लगाया और कहा कि हमारा गठबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि भाजपा और उसके साझीदार सत्ता में नहीं आ सकें.

नेताओं ने एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जिसमें कहा गया है कि वे एक विकल्प पेश करेंगे जो लोकतांत्रिक, धर्मनिर्पेक्ष, संघीय और लोकोन्मुखी एजेंडे वाला होगा.

सवालों का जवाब देते हुए जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि यह गठबंधन 'पहला मोर्चा है.' उन्होंने कहा कि मोर्चा के प्रधानमंत्री का निर्धारण चुनाव के बाद होगा.

सीटों के तालमेल के बारे में करात ने कहा कि हर पार्टी को उसके संबंधित राज्य में सफलता सुनिश्चित करेंगी, जबकि वे 'अखिल भारतीय स्तर से संसाधन लेंगे.'

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव के बाद भाजपा नीत किसी गठबंधन में जाने की संभावना को खारिज किया, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने का कि नए मोर्चे में अभी और पार्टियां शामिल होंगी.

इस मोर्चा में शामिल वामपंथी पार्टियों में माकपा के अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, रेव्यूलेशनरी सोसलिस्ट पार्टी और फारवर्ड ब्लॉक शामिल हैं.
 


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