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पुलिस हिरासत में ही रहेंगे सुब्रत रॉय

पुलिस हिरासत में ही रहेंगे सुब्रत रॉय

नई दिल्ली. 4 मार्च 2013

सुब्रत रॉय


सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय को पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने का आदेश दिया है. रॉय वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर्स द्वारा जुटाए गए 19,000 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस करने के लिए ठोस प्रस्ताव पेश करने तक अभिरक्षा में रहेंगे. उनके साथ उनकी कंपनियों के दो निदेशक को भी पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया है.

सहारा समूह की दो कंपनियों-सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्प लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड ने निवेशकों से यह राशि जुटाई थी.

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति के.एस.राधाकृष्णन की पीठ ने हालांकि तीसरी महिला निदेशक वंदना भार्गव को अभिरक्षा से राहत दे दी, लेकिन कहा कि वह राय और दो निदेशकों से बातचीत कर एक ठोस प्रस्ताव पेश करेंगी.

तीनों को अभिरक्षा में भेजने का आदेश देते हुए न्यायालय ने कहा, "हम आपके प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं. कोई ठोस प्रस्ताव नहीं तैयार किया गया है. न ही बैंक गारंटी दी गई है."  अदालत ने यह भी कहा, "आप नकद में भुगतान नहीं कर सकते क्योंकि यह कानून के ख़िलाफ़ है. आपको डिमांड ड्राफ़्ट या चेक से ही भुगतान करना है."

 

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि प्रस्ताव के तैयार होने पर न्यायालय को इसकी सूचना दी जाए, ताकि सुनवाई की अगली तारीख तय की जा सके.  इससे पहले रॉय जैसे ही अदालत परिसर में पहुँचे वहां मनोज शर्मा नामक एक वकील ने उन पर स्याही फेंक दी और कहा कि वे महाचोर हैं.

 


 


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