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नाराज आडवाणी मोदी से मानेंगे

नाराज आडवाणी मोदी से मानेंगे

नई दिल्ली. 20 मार्च 2014

लालकृष्ण आडवाणी


भोपाल से लोकसभा की टिकट को लेकर नाराज लालकृष्ण आडवाणी को मनाने के लिये नरेंद्र मोदी खुद उनके घर गये. पहले कहा गया कि नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज उन्हें मनाने के लिये गये थे. फिर दावा हुआ कि कोई नाराज नहीं है. लेकिन अंदरखाने की खबरें कह रही हैं कि भाजपा में एक-एक नेता को उसकी क्षमता बताने वाले नरेंद्र मोदी अभी चुनाव के समय भी किसी की नाराजगी को बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं. यह पहला अवसर नहीं है, जब आडवाणी नाराज हुये हैं. लेकिन पिछली बार की नाराजगी के बाद आडवाणी बैकफुट पर आ गये और अंततः नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया कि उनके आगे किसी की नहीं चलने वाली. ताज़ा प्रसंग में भी आडवाणी ही पीछे होते नजर आ रहे हैं.

गौरतलब है कि लालकृष्ण आडवाणी भोपाल से चुनाव लड़ना चाह रहे थे. यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह समेत संगठन के नेतआओं तक ने कहा था कि आडवाणी को भोपाल से चुनाव लड़ना चाहिये. लेकिन बुधवार को जब टिकट की घोषणा हुई तो आडवाणी का नाम गांधीनगर से घोषित कर दिया गया. मतलब ये कि पार्टी में अब आडवाणी जैसे नेता भी किनारे कर दिये गये. इसके बाद जाहिर तौर पर आडवाणी को नाराज होना ही था.

इसके बाद नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज आडवाणी को मनाने उनके घर पहुंचे. बात नहीं बनी तो नरेंद्र मोदी ने कथित तौर पर संघ के नेता मोहन भागवत से आडवाणी को समझाने के लिये कहा. फिर भी बात नहीं बनी तो मोदी खुद ही आडवाणी के घर जा पहुंचे.

आडवाणी से पहले नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रमुख नेता मुरली मनोहर जोशी को उनकी बनारस सीट से हटा कर जता चुके हैं कि पार्टी में चलेगी तो केवल उनकी. अब आडवाणी को गांधीनगर से चुनाव लड़ाने के पार्टी के फैसले पर क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा. यह फैसला आने वाले कल की भी कहानी को बयां कर देगा कि पार्टी में मोदी के अलावा किसी नेता की कोई जगह है भी या नहीं.


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