पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

नहीं रहे खुशवंत सिंह

नहीं रहे खुशवंत सिंह

नई दिल्ली. 20 मार्च 2014

खुशवंत सिंह


भारत के जाने-माने पत्रकार, लेखक और स्तंभकार ख़ुशवंत सिंह का गुरुवार सुबह उनके दिल्ली स्थित निवास पर निधन हो गया. वो 99 साल के थे.

2 फरवरी 1915 को हडली पाकिस्तान में जन्में खुशवंत सिंह ने ए ट्रेन टू पाकिस्तान जैसी बहुचर्चित किताब लिखी थी. इसके अलावा उन्होंने लगभग 100 महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं. खुशवंत सिंह के पिता का नाम सर सोभा सिंह था, जो अपने समय के प्रसिद्ध ठेकेदार थे. उस समय सोभा सिंह को आधी दिल्ली का मालिक कहा जाता था.

खुशवंत सिंह ने 'गवर्नमेंट कॉलेज', लाहौर और 'कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी' मंक शिक्षा पाई थी. इसके बाद लंदन से ही क़ानून की डिग्री ली. उसके बाद तक वे लाहौर में वकालत करते रहे. खुशवंत सिंह जी का विवाह कंवल मलिक के साथ हुआ. इनके बेटे का नाम राहुल सिंह और पुत्री का नाम माला है.

1947 से कुछ सालों तक खुशवंत सिंह ने भारत के विदेश मंत्रालय में विदेश सेवा के महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. 1951 में वो आकाशवाणी से जुड़े थे और 1951 से 1953 तक भारत सरकार के पत्र 'योजना' का संपादन किया. मुंबई से प्रकाशित प्रसिद्ध अंग्रेज़ी साप्ताहिक 'इल्लस्ट्रेटेड वीकली ऑफ़ इंडिया' के और 'न्यू डेल्ही' के संपादक वे 1980 तक थे. 1980 से 1986 तक वे राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे.

1983 तक वे दिल्ली के प्रमुख अंग्रेज़ी दैनिक 'हिन्दुस्तान टाइम्स' के संपादक भी वही थे. तभी से वो प्रति सप्ताह एक लोकप्रिय 'कॉलम' लिखते हैं, जो अनेक भाषाओं के दैनिक पत्रों में प्रकाशित होता है. खुशवंत सिंह उपन्यासकार, इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में विख्यात हैं. उनके अनेक उपन्यासों में प्रसिद्ध हैं- 'डेल्ही', 'ट्रेन टू पाकिस्तान', 'दि कंपनी ऑफ़ वूमन.' दो खंडों में प्रकाशित 'सिक्खों का इतिहास' उनकी प्रसिद्ध कृति है.

अपने जीवन में सेक्स, मजहब और ऐसे ही विषयों पर की गई टिप्पणियों के कारण वे हमेशा आलोचना के केंद्र में बने रहे. उन्होंने इलेस्ट्रेटेड विकली जैसी पत्रिकाओं का संपादन भी किया. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुशवंत सिंह के निधन पर शोक जताते हुये कहा है कि उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in