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वायदों भरा कांग्रेसी घोषणापत्र जारी

वायदों भरा कांग्रेसी घोषणापत्र जारी

नई दिल्ली. 26 मार्च 2014

कांग्रेस


कांग्रेस ने बुधवार को 2014 लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया. वाय़दों भरे इस घोषणापत्र में स्वास्थ्य का अधिकार, 80 करोड़ लोगों को मध्य वर्ग में लाने और सकल घरेलू विकास जीडीपी दर को अगले तीन वर्षो में आठ प्रतिशत से ऊपर ले जाने की बात कही गई है..

पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि इसे पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों के साथ 30 स्थानों पर की गई रायशुमारी को मिलाकर तैयार किया गया है. घोषणा पत्र में छह और अधिकारों को शामिल कर पार्टी के अधिकार आधारित दृष्टिकोण को बढ़ाने की कोशिश की गई है.

घोषणा पत्र में युवाओं के लिए 10 करोड़ नौकरियों के सृजन के एक एजेंडे का भी वादा किया गया है.

घोषणा पत्र में कहा गया है कि पार्टी न्यूनतम सामाजिक-आर्थिक अधिकारों का चार्टर लाएगी, जिसमें स्वास्थ्य का अधिकार, पेंशन का अधिकार, आवास का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा का अधिकार, सम्मान व मानवी कार्य शर्तो का अधिकार, और उद्यमिता का अधिकार शामिल है.

सोनिया ने पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में घोषणा पत्र जारी किया.

देश की सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक बदलाव के 15 सूत्री एजेंडे को पेश करते हुए कांग्रेस ने देश की दो-तिहाई आबादी को कुशल बनाकर मध्यवर्ग में लाने का वादा किया, जो कि देश का निर्माण करेंगे.

घोषणा पत्र में कहा गया है, "हमारा लक्ष्य उन्हें और निम्न आय वाले परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और एक न्यूनतम जीवनस्तर प्रदान करना होगा." पार्टी उन लोगों को लक्ष्य कर रही है, जो गरीबी के स्तर से तो ऊपर हैं, लेकिन मध्यवर्ग से नीचे हैं.

घोषणा पत्र में कहा गया है कि नए अधिकार, कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के 10 वर्षो के कार्यकाल के दौरान लागू किए गए अन्य अधिकारों के अतिरिक्त होंगे, जिसमें भोजन का अधिकार, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अधिकार, भ्रष्टाचार से लड़ने का अधिकार शामिल हैं.

कांग्रेस ने कहा, "ये सभी अधिकार मिलकर मध्यवर्ग से नीचे के लोगों के लिए खुद के प्रयासों के माध्यम से खुद को मध्यवर्ग में रूपांतरित करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगे." घोषणा पत्र में कहा गया है कि आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय एक सिक्के के दो पहलू हैं और हमेशा दो पहलू बने रहने चाहिए.

घोषणा पत्र में अगले तीन वर्षो के दौरान आठ प्रतिशत विकासर दर हासिल करने और महंगाई रोकने व देश को विनिर्माण में एक विश्व नायक बनाने के लिए एक खुली व प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का वादा किया गया है. घोषणा पत्र में नई सरकार के प्रथम 100 दिनों के एजेंडे के बारे में भी बात की गई है.

घोषणा पत्र में कहा गया है, "कांग्रेस वस्तु एवं सेवा कर विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक संसद में लाएगी, युवाओं के लिए 10 करोड़ नई नौकरियों का सृजन करने का एक विस्तृत रोजगार एजेंडा घोषित करेगी."

कांग्रेस ने यह सुनिश्चित कराने का भी वादा किया कि अप्रत्याशित पूर्वव्यापी कराधान से बचा जाएगा और देश के अधोसंरचना के सुधार में 10 खरब का निवेश किया गया.

घोषणा पत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए अपेक्षाकृत अधिक नरम श्रम नीति की बात की गई है. घोषणा पत्र में कहा गया है, "कांग्रेस को वोट हमारे देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, महिलाओं को सम्मान की जिंदगी सुनिश्चित कराने के लिए वोट देना है."

सोनिया ने कहा कि पार्टी जिन सुझाओं को घोषणा पत्र में शामिल नहीं कर पाई है, उसे अलग से जारी किया जाएगा.

उन्होंने कहा, "राहुल ने देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों से रायशुमारी की और उनकी आकांक्षाओं को जाना. सभी सुझावों को घोषणा पत्र में शामिल करना आसान नहीं था, लिहाजा हम अन्य सुझावों को अगले कुछ दिनों में पेश करेंगे."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि घोषणापत्र में समाज के सभी वर्गो, किसानों, अनुसूचित जाति-जनजातियों, महिलाओं और बच्चों की जरूरतों पर ध्यान दिया गया है. उन्होंने कहा, "यह दस्तावेज आगे की तरफ देखता है. यह देश की जनता की जरूरतों पर ध्यान देता है."


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