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नकवी सुबूत दें या माफी मांगे: अली

नई दिल्ली. 30 मार्च 2014

साबिर अली


जनता दल (युनाइटेड) से निष्कासित और अब भारतीय जनता पार्टी से भी बाहर किए गए साबिर अली ने रविवार को कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी या तो सबूत पेश करें या माफी मांगें.

नकवी ने साबिर के आतंकवादी यासीन भटकल से रिश्ते होने की बात कहकर भाजपा में उन्हें शामिल किए जाने का विरोध किया था जिसके बाद पार्टी ने साबिर अली को बाहर का रास्ता दिखला दिया था.

साबिर ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा, "मैं नकवी से कहता हूं कि वह या तो मुझे सबूत दें या अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगें. मानहानि का एक नोटिस तैयार है जो मैं अपने वकीलों के जरिए उन्हें भिजवाऊंगा."

उन्होंने कहा, "अगर नकवी आतंकवादी के साथ मेरे रिश्ते को साबित कर दें तो मैं खुद को फांसी लगाने के लिए तैयार हूं."

नकवी ने साबिर को इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल का दोस्त बताया था. उनके विरोध के तुरंत बाद भाजपा ने साबिर की सदस्यता रद्द कर दी.

साबिर जब संवाददाताओं से मुखातिब थे, उस दौरान उनकी पत्नी यास्मीन भी मौजूद थीं. उन्होंने भी नकवी से माफी की मांग की. यास्मीन ने कहा, "मैं नकवी को माफी मांगने के लिए 24 घंटे का वक्त दे रही हूं, वरना में उनके घर के सामने धरने पर बैठ जाऊंगी."

साबिर अली बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के रहने वाले हैं. यह इलाका भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है. उन्होंने वर्ष 2008 से फरवरी 2014 तक राज्यसभा में जद(यू) का प्रतिनिधित्व किया. भाजपा नेता नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के बाद वह जद(यू) से निकाल दिए गए.

अली को हाल ही में भाजपा में शआमिल किया गया था लेकिन नकवी के भारी विरोध के कारण पार्टी ने उन्हें एक दिन के भीतर ही बाहर का रास्ता दिखा दिया.
 


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