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राजीव गांधी हत्याकांड पर फिर सुनवाई नहीं

राजीव गांधी हत्याकांड पर फिर सुनवाई नहीं

नई दिल्ली. 31 मार्च 2014

supreme court


सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को राजीव गांधी हत्याकांड मामले में केंद्र सरकार की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें मांग की गई थी कि मामले के तीन दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित किए जाने के न्यायालय के फैसले पर फिर से विचार किया जाए.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति शिव कीर्ति सिंह की पीठ ने केंद्र सरकार की इस याचिका को खारिज कर दिया.

न्यायालय ने 21 जनवरी को दिए अपने फैसले का उद्धरण देते हुए राजीव गांधी की हत्या की साजिश रचने के दोषी पाए गए तीन अपराधियों की मौत की सजा को बदलकर आजीवन कारावास किए जाने के अपने 18 फरवरी के फैसले को कायम रखा.

तीनों दोषी, वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, ए. जी. पेरारिवलन उर्फ आरीवू और टी. सुथेंद्रराजा उर्फ संथन इस समय तमिलनाडु की वेल्लूर जेल में बंद हैं. तीनों ने अपनी दया याचिका पर निर्णय आने में हुई अत्यधिक देरी के कारण अपनी-अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदले जाने की मांग की थी.

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जनवरी को दिए अपने फैसले में कहा था कि मौत की सजा पाए दोषियों की दया याचिका पर फैसला लेने में बिना किसी कारण के और बिना किसी उचित वजह के हुई अत्यधिक देरी को उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदले जाने का पर्याप्त आधार है.
 


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