पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

शक्ति मिल दुष्कर्म आरोपियों को मृत्युदंड

शक्ति मिल दुष्कर्म आरोपियों को मृत्युदंड

मुंबई. 4 अप्रैल 2014

गैंगरेप


मुंबई की बंद पड़ी शक्ति मिल के वीरान परिसर में एक टेलीफोन आपरेटर और एक फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म के दोषी ठहराए गए तीन लोगों को मृत्युदंड सुनाया गया है. दुष्कर्म की दोहरी वारदात पिछले साल जुलाई और अगस्त में हुई थी.

मुंबई की अदालत ने फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म के दोषी ठहराए गए विजय जाधव (18), कासिम हाफिज शेख उर्फ कासिम बंगाली (20), और सलीम अंसारी (27) को मौत की सजा सुनाई. यह जानकारी विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने दी.

तीनों को इसके पहले एक कॉल सेंटर की कर्मचारी के साथ उसी परिसर में दुष्कर्म करने के लिए दोषी करार दिया दिया जा चुका है. यह घटना पिछले वर्ष 31 जुलाई को घटी थी. वारदात के लिए तीनों को मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है.

विशेष लोक अभियोजक उज्वल निकम ने कहा कि प्रधान सत्र न्यायाधीश शालिनी फड़सालकर जोशी ने इस मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया और 31 जुलाई तथा 22 अगस्त, 2013 को दुष्कर्म की वारदात दोहराने के लिए तीनों दोषियों के खिलाफ मृत्युदंड सुनाया.

निकम ने कहा कि तीनों दोषियों और उसके साथियों ने न केवल क्रूर अपराध किए, बल्कि दया की याचना कर रही पीड़िता पर हंसे और फब्तियां कसी.

फैसले का स्वागत करते हुए निकम ने कहा, "तीनों ने इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने मिल परिसर में और भी कई दुष्कर्म किए और अभी तक उन्हें किसी ने भी नहीं पकड़ा. इन बहादुर पीड़िताओं ने सामने आकर उन्हें कठघरे तक पहुंचाया."

निकम ने कहा कि दुष्कर्मियों के इस 'घिनौने' व्यवहार को देखते हुए अभियोजन ने भारतीय दंड विधान की धारा 376 (ई) दोषियों के लिए कड़े दंड की मांग की थी.

जिन 10 परिस्थितियों के लिए कड़ा दंड देने की मांग की गई थी उसमें से एक के बारे में बताते हुए निकम ने कहा, "यद्यपि पीड़िता बचाव विहीन थी और चिल्ला रही थी, आरोपियों ने उन्हें क्रूरतापूर्वक पीटा और दुष्कर्म किया. एक आरोपी ने यह भी कहा कि वे लोग बेहद खतरनाक लोग हैं."

दोनों मामलों के दो किशोर आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई मुंबई किशोर न्याय बोर्ड करेगा और इसी महीने सुनवाई शुरू होगी.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in